फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Villagers apologized for misbehaving with SDM and Tehsildar

Kangra News: एसडीएम और तहसीलदार से दुर्व्यवहार पर ग्रामीणों ने मांगी माफी

Thu, 05 Jun 2025 01:32 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Thu, 05 Jun 2025 01:32 AM IST
विज्ञापन
Villagers apologized for misbehaving with SDM and Tehsildar
धर्मशाला के उपायुक्त कार्यालय में अघंजर महादेव मंदिर में हुए विवाद को लेकर पहुंचे लोगों को जानक
धर्मशाला। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव खनियारा स्थित प्राचीन ऐतिहासिक अघंजर महादेव मंदिर के अधिग्रहण को लेकर उपजे विवाद पर मौका देखने पहुंचे एसडीएम और तहसीलदार धर्मशाला के साथ दुर्व्यवहार मामले में ग्रामीणों ने माफी मांगी है। बुधवार को ग्रामीण सौकणी दा कोट पंचायत प्रधान अमर सिंह के नेतृत्व में पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को सुनिश्चित किया कि भविष्य में मंदिर में इस तरह से कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया जाएगा। वहीं, हिरासत में लिए साधुओं और अन्य लोगों को एसडीएम न्यायालय ने जमानत पर रिहा कर दिया है। उल्लेखनीय है कि अघंजर महादेव मंदिर पर अधिकार को लेकर सोमवार देर रात मंदिर में रहने वाले कुछ साधुओं ने अन्य लोगों के साथ मिलकर एडीबी के नए भवन में ताले को तोड़कर प्रवेश किया और केयरटेकर के साथ मारपीट की। कर्मचारी की ओर से पुलिस थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद मंगलवार को पहले से ही चल रहे विवाद के संबंध में एसडीएम और तहसीलदार धर्मशाला मंदिर में राजस्व टीम के साथ पहुंचे थे। इस दौरान कुछ साधुओं और लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जिस पर क्यूआरटी को मौके पर बुलाकर करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया था।
विज्ञापन

आए दिन झगड़ों से श्रद्धालु परेशान
अघंजर महादेव मंदिर के अधिग्रहण को लेकर आए दिन महंत समर्थकों और मंदिर समिति के बीच विवाद चल रहा है। इसके चलते मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर समिति ने कई बार आरोप लगाए हैं कि मंदिर परिसर में कुछ लोग नशे का सेवन करते हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं पर विपरीत असर पड़ता है। वहीं, अभी तक इस प्राचीन मंदिर के परिसर में सीसीटीवी तक स्थापित नहीं हो पाए हैं। अगर सीसीटीवी लग जाएं तो महंत और समिति के बीच चल रहे विवाद पर पुलिस और प्रशासन पूरी नजर रख सकता है। मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में भी पूरी मदद मिल सकती है।
विज्ञापन

मंदिर के जमीन बेचने के मामले की भी होनी चाहिए जांच-
मंदिर समिति ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग और विजिलेंस से मांग की है कि पूर्व में जो मंदिर की जमीन बेची गई है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नियमों के मुताबिक मोहतमीन मंदिर का केयरटेकर होता है, लेकिन वह मंदिर की जमीन नहीं बेच सकता। ऐसा करने वाले राजस्व विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन



धार्मिक स्थल को निजी अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। नियमों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं कर संचालन किया जाएगा। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के जो भी बिंदु हैं, उन पर कार्य किया जाएगा। मंदिर कमेटी के पुनर्गठन की मांग कुछ लोगों ने उठाई है, उस पर भी विचार-विमर्श कर प्रक्रिया शुरू होगी। कुछ लोगों ने कमेटी कर्मचारियों पर पैसे लेने के आरोप लगाए हैं, उन पर जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से फंड की उपलब्धता पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। - मोहित रत्तन, एसडीएम धर्मशाला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed