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अपने निजी मोबाइल से कार्य नहीं करेंगे वैर्टनरी फार्मासिस्ट: संघ
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश वेटरनरी फार्मासिस्ट संघ जिला कांगड़ा की कार्यकारिणी की बैठक सतपाल सिंह प्रधान की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोई भी वेटरनरी फार्मासिस्ट अपने निजी मोबाइल पर विभागीय कार्य नहीं करेगा।
उन्होने बताया कि इस समय प्रदेश में कई प्रकार की विभागीय महत्वपूर्ण स्कीमें चल रही हैं, जिनमें इनाफ कार्य, नैप कार्य, एनएडीसीपी कार्य, किसान क्रेडिट कार्ड बनाना, ई गोपाला ऐप, सैंपल सर्वे प्रोग्राम आदि ये सभी कार्य विभागीय ऐप पर किए जा रहे हैं। इन्हें ऑनलाइन अपलोड करने के विभागीय फरमान हैं, लेकिन इन्हें ऑनलाइन अपलोड करने के लिए विभाग ने आज तक न तो पैरावैट्स को विभागीय सिम दी है और न ही नैट कनेक्टीविटी का प्रावधान किया है। दो वर्ष पहले पशु गणना कार्य करने के लिए टेवलेट दिए थे, वे सभी खराब हो चुके है, क्योंकि वह टेवलेट घटिया किस्म के थे। जिनकी सूचना उच्च अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री, विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि पैरावेट्स को मूलभूत सुविधाएं, जिसमें बढ़िया किस्म का टेवलेट, विभागीय सिम और नेट केनेक्टिविटी देने का प्रावधान करें। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पशुपालन विभाग में भी स्वास्थ्य विभाग की तरह 108 एंबुलेंस चलाने का प्रावधान किया जाए, प्रदेश में चुर्तथ श्रेणी के करीब 1200 रिक्त पदों को भरने, वैक्सीनेशन कार्य को करने के लिए वैक्सीनेटर के पद सृजित करने, विभागीय कार्यों के बोझ को ध्यान में रखते हुए सभी उपमंडलीय चिकित्सालयों में डाटा ऑपरेटर रखने, सभी पोलीक्लीनिक और जोनल चिकित्सालयों में पशुपालन सहायक एव चीफ वेटरनरी फार्मासिस्ट के पद बरकरार रखने का आग्रह किया। बैठक में अमित मनकोटिया, सुमन धीमान, राहुल देव, सुधीर कुमार, प्रकाश चंद, दिनेश कुमार, देवेंद्र पठानिया, अजय कुमार, सुरिंद्र कुमार, अशोक कुमार, अजय, अजय गुलेरिया, वासुदेव, राजेश कुमार, मस्तान सिंह, विरेंद्र कुमार, हंसराज, पवन कुमार, जगरूप सिंह, जगजीत सिंह, विनय कुमार, भारतभूषण, अनूम कुमार, कमल कुमार, दलजीत कुमार, सुरिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होने बताया कि इस समय प्रदेश में कई प्रकार की विभागीय महत्वपूर्ण स्कीमें चल रही हैं, जिनमें इनाफ कार्य, नैप कार्य, एनएडीसीपी कार्य, किसान क्रेडिट कार्ड बनाना, ई गोपाला ऐप, सैंपल सर्वे प्रोग्राम आदि ये सभी कार्य विभागीय ऐप पर किए जा रहे हैं। इन्हें ऑनलाइन अपलोड करने के विभागीय फरमान हैं, लेकिन इन्हें ऑनलाइन अपलोड करने के लिए विभाग ने आज तक न तो पैरावैट्स को विभागीय सिम दी है और न ही नैट कनेक्टीविटी का प्रावधान किया है। दो वर्ष पहले पशु गणना कार्य करने के लिए टेवलेट दिए थे, वे सभी खराब हो चुके है, क्योंकि वह टेवलेट घटिया किस्म के थे। जिनकी सूचना उच्च अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री, विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि पैरावेट्स को मूलभूत सुविधाएं, जिसमें बढ़िया किस्म का टेवलेट, विभागीय सिम और नेट केनेक्टिविटी देने का प्रावधान करें। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पशुपालन विभाग में भी स्वास्थ्य विभाग की तरह 108 एंबुलेंस चलाने का प्रावधान किया जाए, प्रदेश में चुर्तथ श्रेणी के करीब 1200 रिक्त पदों को भरने, वैक्सीनेशन कार्य को करने के लिए वैक्सीनेटर के पद सृजित करने, विभागीय कार्यों के बोझ को ध्यान में रखते हुए सभी उपमंडलीय चिकित्सालयों में डाटा ऑपरेटर रखने, सभी पोलीक्लीनिक और जोनल चिकित्सालयों में पशुपालन सहायक एव चीफ वेटरनरी फार्मासिस्ट के पद बरकरार रखने का आग्रह किया। बैठक में अमित मनकोटिया, सुमन धीमान, राहुल देव, सुधीर कुमार, प्रकाश चंद, दिनेश कुमार, देवेंद्र पठानिया, अजय कुमार, सुरिंद्र कुमार, अशोक कुमार, अजय, अजय गुलेरिया, वासुदेव, राजेश कुमार, मस्तान सिंह, विरेंद्र कुमार, हंसराज, पवन कुमार, जगरूप सिंह, जगजीत सिंह, विनय कुमार, भारतभूषण, अनूम कुमार, कमल कुमार, दलजीत कुमार, सुरिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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