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इच्छी में पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेड़ गिरने से छह घंटे बाधित रहा यातायात
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प्राकृतिक शिव मंदिर त्रिलोकपुर के पास बहने वाली खड्ड में आई भयंकर बाढ़। संवाद
- फोटो : Kangra
धर्मशाला/ कोटला/गगल (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी हाईवे पर इच्छी में देर रात एक पेड़ गिरने से छह घंटे तक यातायात बाधित रहा। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार रात ढाई बजे एक पेड़ सड़क पर गिर गया। इस कारण साथ लगते बिजली के तार भी टूट गए। हालांकि रात के समय पेड़ गिरनेेेेेेे से किसी तरह की संपत्ति या जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन देर रात सफर करने वाले वाहनों को समस्या का सामना करना पड़ा।
हालांकि यातायात की स्थित को सुचारू करने के लिए कांगड़ा जाने वाले वाहनों को वाया सहौड़ा सड़क मार्ग से होते हुए कांगड़ा के लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर उपयोग किया गया। वहीं कांगड़ा से आ रहे वाहनों को वाया मटौर-चैतडू होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। वहीं रविवार सुबह लोक निर्माण विभाग की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग से पेड़ को हटाकर यातायात को सुचारु कर दिया गया। वहीं, जिले में रविवार को भी बारिश होने से क्षेत्र की खड्डें और नाले उफान पर रहे। वहीं धान की रोपाई कर रहे किसानों को बारिश के रूप में संजीवनी मिल गई है। वहीं जिले में रविवार शाम के समय हुई बारिश से कई जगह लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। वहीं धर्मशाला में इंद्रुनाग रोड पर यातायात बाधित हो गया है।
त्रिलोकपुर मंदिर में दर्शन करना हुआ मुश्किल
क्षेत्र में रविवार सुबह से जारी वर्षा के कारण कोटला क्षेत्र में बहने वाली देहरी खड्ड, भेडखड्ड, ब्राहल खड्ड भारी बाढ़ के कारण पूरे उफान पर रही। प्राकृतिक शिव मंदिर त्रिलोकपुर के साथ बहने वाली खड्ड बाढ़ के कारण पूरे उफान पर रही। इस खड्ड में इतना पानी था, कि मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन के लिए जाना ही मुश्किल हो गया। मंदिर का सारा परिसर कीचड़ और मिट्टी से भर गया।
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हालांकि यातायात की स्थित को सुचारू करने के लिए कांगड़ा जाने वाले वाहनों को वाया सहौड़ा सड़क मार्ग से होते हुए कांगड़ा के लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर उपयोग किया गया। वहीं कांगड़ा से आ रहे वाहनों को वाया मटौर-चैतडू होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। वहीं रविवार सुबह लोक निर्माण विभाग की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग से पेड़ को हटाकर यातायात को सुचारु कर दिया गया। वहीं, जिले में रविवार को भी बारिश होने से क्षेत्र की खड्डें और नाले उफान पर रहे। वहीं धान की रोपाई कर रहे किसानों को बारिश के रूप में संजीवनी मिल गई है। वहीं जिले में रविवार शाम के समय हुई बारिश से कई जगह लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। वहीं धर्मशाला में इंद्रुनाग रोड पर यातायात बाधित हो गया है।
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त्रिलोकपुर मंदिर में दर्शन करना हुआ मुश्किल
क्षेत्र में रविवार सुबह से जारी वर्षा के कारण कोटला क्षेत्र में बहने वाली देहरी खड्ड, भेडखड्ड, ब्राहल खड्ड भारी बाढ़ के कारण पूरे उफान पर रही। प्राकृतिक शिव मंदिर त्रिलोकपुर के साथ बहने वाली खड्ड बाढ़ के कारण पूरे उफान पर रही। इस खड्ड में इतना पानी था, कि मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन के लिए जाना ही मुश्किल हो गया। मंदिर का सारा परिसर कीचड़ और मिट्टी से भर गया।
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