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Kangra News: चेक बाउंस मामले में तीन माह की सजा बरकरार
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के चेक बाउंस मामले में दोषी रविंद्र कुमार को जिला एवं सत्र न्यायालय पालमपुर से राहत नहीं मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरू ठाकुर की अदालत ने उसकी अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत की तीन माह के साधारण कारावास और 1.20 लाख रुपये मुआवजे की सजा को बरकरार रखा है। दोषी को 30 दिन के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक की सरी मोलग शाखा से जुड़ा है। बैंक ने रविंद्र कुमार पर ऋण अदायगी के लिए दिए गए चेक के बाउंस होने का आरोप लगाया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जयसिंहपुर की अदालत ने 17 जून 2023 को उसे परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था।
रविंद्र कुमार ने अपील में दलील दी थी कि बैंक ने चेक सुरक्षा के तौर पर लिया था। उसने इसे भुगतान के लिए जारी नहीं किया था। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन किया। उसने पाया कि दोषी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर होने और बैंक से ऋण लेने से इन्कार नहीं किया था। वह वैधानिक अनुमान को खारिज करने के लिए कोई ठोस बचाव पेश नहीं कर पाया। अदालत ने निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं पाया। दोषी के आत्मसमर्पण न करने पर निचली अदालत सजा और मुआवजे की वसूली के लिए कार्रवाई कर सकेगी।
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यह मामला हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक की सरी मोलग शाखा से जुड़ा है। बैंक ने रविंद्र कुमार पर ऋण अदायगी के लिए दिए गए चेक के बाउंस होने का आरोप लगाया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जयसिंहपुर की अदालत ने 17 जून 2023 को उसे परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था।
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रविंद्र कुमार ने अपील में दलील दी थी कि बैंक ने चेक सुरक्षा के तौर पर लिया था। उसने इसे भुगतान के लिए जारी नहीं किया था। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन किया। उसने पाया कि दोषी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर होने और बैंक से ऋण लेने से इन्कार नहीं किया था। वह वैधानिक अनुमान को खारिज करने के लिए कोई ठोस बचाव पेश नहीं कर पाया। अदालत ने निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं पाया। दोषी के आत्मसमर्पण न करने पर निचली अदालत सजा और मुआवजे की वसूली के लिए कार्रवाई कर सकेगी।
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