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Kangra News: हैंडग्रनेड और मिसाइल फ्यूज के बारे में जाने का दिखा उत्साह
Thu, 03 Jul 2025 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 03 Jul 2025 12:46 AM IST
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धर्मशाला के आत्मनिर्भर भारत प्रदर्शनी में डीआरडीओ के स्टॉल में रखी प्लास्टिक और फ्रंगीबल बुलेट
धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला में आयोजित आत्मनिर्भर भारत प्रदर्शनी के पहले दिन डीआरडीओ के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना रहा है। इसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की ओर से भारतीय सेनाओं के लिए तैयार किए बम और मिसाइल के फ्यूज को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में मल्टी मोड हैंडग्रनेड के बारे में जानने के लिए स्कूली बच्चे उत्सुक रहे। इस दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि अगर कोई जवान दुश्मनों से घिर जाता है तो मल्टी मोड हैंडग्रनेड की मदद से वह दुश्मन को तितर-बितर कर निकल सकता है। यह हैंडग्रनेड अन्य ग्रनेड के मुकाबले तीन सेकंड में फट जाता है। इसके अलावा मिसाइल में उपयोग होने वाले फ्यूज के बारे जानने के लिए में भी लोगों को काफी उत्सुकता रही। यह फ्यूज मिसाइल को टारगेट को हिट करने के से लेकर ब्लास्ट करने में मदद करता है।
इसके अलावा प्रदर्शनी में प्लास्टिक और 9 एमएम फ्रेंगीबल बुटेल भी आकर्षण का केंद्र रहे। डीआरडीओ चंडीगढ़ के अधिकारियों ने इस दौरान युवाओं और विद्यार्थियों को जिज्ञासा का शांत किया। दंगों के दौरान स्थिति बिगड़ने पर प्लास्टिक गोली का उपयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया जा सकता है। इसके अलावा 9 एमएम फ्रेंगीबल बुटेल का उपयोग भी बताया। इसका सबसे अधिक उपयोग प्लेन हाइजैक के दौरान आतंकवादियों को मारने के लिए किया जाता है, ताकि हवाई जहाज को किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो। प्रदर्शनी में डीआरडीओ के अलावा कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य सहित कई विभागों ने अपने रिसर्च को प्रदर्शित किया।
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इसके अलावा प्रदर्शनी में प्लास्टिक और 9 एमएम फ्रेंगीबल बुटेल भी आकर्षण का केंद्र रहे। डीआरडीओ चंडीगढ़ के अधिकारियों ने इस दौरान युवाओं और विद्यार्थियों को जिज्ञासा का शांत किया। दंगों के दौरान स्थिति बिगड़ने पर प्लास्टिक गोली का उपयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया जा सकता है। इसके अलावा 9 एमएम फ्रेंगीबल बुटेल का उपयोग भी बताया। इसका सबसे अधिक उपयोग प्लेन हाइजैक के दौरान आतंकवादियों को मारने के लिए किया जाता है, ताकि हवाई जहाज को किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो। प्रदर्शनी में डीआरडीओ के अलावा कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य सहित कई विभागों ने अपने रिसर्च को प्रदर्शित किया।

धर्मशाला के आत्मनिर्भर भारत प्रदर्शनी में डीआरडीओ के स्टॉल में रखी प्लास्टिक और फ्रंगीबल बुलेट
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