{"_id":"6a16dce11e80b83a510774f2","slug":"the-wife-of-the-inspector-who-died-in-the-road-accident-will-get-a-compensation-of-rs-4373-lakh-kangra-news-c-95-1-kng1004-236569-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: सड़क हादसे में मृत इंस्पेक्टर की पत्नी को मिलेगा 43.73 लाख रुपये मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: सड़क हादसे में मृत इंस्पेक्टर की पत्नी को मिलेगा 43.73 लाख रुपये मुआवजा
Thu, 28 May 2026 05:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 28 May 2026 05:29 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के इंस्पेक्टर की पत्नी को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण धर्मशाला ने 43.73 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए हादसे के लिए निजी बस चालक की लापरवाही 70 प्रतिशत और मृतक की 30 प्रतिशत तय की है।
मामले के अनुसार एसएसबी में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जवाली क्षेत्र के ठारू गांव निवासी संतोष कुमार 5 नवंबर 2024 को स्कूटी पर जाते वक्त शाहपुर के लदवाड़ा क्षेत्र में एक निजी बस ने जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार को तुरंत टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
पति की मौत के बाद पीड़िता पुष्पा देवी ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत अदालत में दावा याचिका दायर कर मुआवजे की गुहार लगाई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि फोरलेन निर्माण कार्य के कारण सड़क पर डायवर्जन होने के बावजूद बस चालक बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था। बस स्कूटी को काफी दूर तक घसीटती ले गई।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद शाहपुर पुलिस ने गलत तरीके से मृतक जवान के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी थी। दूसरी ओर बस मालिक और चालक ने अदालत में दावा किया था कि दुर्घटना स्कूटी चालक की खुद की लापरवाही से हुई थी। बीमा कंपनी ने भी चालक के ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और अन्य दस्तावेजों को लेकर कई आपत्तियां उठाईं।
हालांकि, अदालत ने रिकॉर्ड और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर बीमा कंपनी की तमाम दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 43,73,600 रुपये का मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए। यह ब्याज राशि याचिका दायर करने की तिथि से लेकर पूरी अदायगी होने तक देय होगी।
अदालत ने बीमा कंपनी को एक महीने के भीतर यह राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी साफ किया है कि यदि कंपनी द्वारा पहले कोई अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है, तो उसे इस अंतिम राशि में समायोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
मामले के अनुसार एसएसबी में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जवाली क्षेत्र के ठारू गांव निवासी संतोष कुमार 5 नवंबर 2024 को स्कूटी पर जाते वक्त शाहपुर के लदवाड़ा क्षेत्र में एक निजी बस ने जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार को तुरंत टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
विज्ञापन
पति की मौत के बाद पीड़िता पुष्पा देवी ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत अदालत में दावा याचिका दायर कर मुआवजे की गुहार लगाई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि फोरलेन निर्माण कार्य के कारण सड़क पर डायवर्जन होने के बावजूद बस चालक बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था। बस स्कूटी को काफी दूर तक घसीटती ले गई।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद शाहपुर पुलिस ने गलत तरीके से मृतक जवान के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी थी। दूसरी ओर बस मालिक और चालक ने अदालत में दावा किया था कि दुर्घटना स्कूटी चालक की खुद की लापरवाही से हुई थी। बीमा कंपनी ने भी चालक के ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और अन्य दस्तावेजों को लेकर कई आपत्तियां उठाईं।
हालांकि, अदालत ने रिकॉर्ड और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर बीमा कंपनी की तमाम दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 43,73,600 रुपये का मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए। यह ब्याज राशि याचिका दायर करने की तिथि से लेकर पूरी अदायगी होने तक देय होगी।
अदालत ने बीमा कंपनी को एक महीने के भीतर यह राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी साफ किया है कि यदि कंपनी द्वारा पहले कोई अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है, तो उसे इस अंतिम राशि में समायोजित किया जाएगा।