{"_id":"687ba396b8384e892009868b","slug":"the-state-government-is-exploiting-the-employees-did-not-increase-the-allowances-tiwari-kangra-news-c-95-1-ssml1019-186703-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश सरकार कर रही है कर्मचारियों का शोषण, नहीं बढ़ाए भत्ते : तिवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश सरकार कर रही है कर्मचारियों का शोषण, नहीं बढ़ाए भत्ते : तिवारी
Sun, 20 Jul 2025 07:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 20 Jul 2025 07:23 AM IST
विज्ञापन
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक और न्यू मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन संघ के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण शर्मा तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष पी. सतेंद्र सिंह तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संघ ने प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा को समर्थन दिया है। इसके प्रदेश के सभी कर्मचारी राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार प्रकट करते हैं।
मोर्चा का कहना है कि प्रदेश में कर्मचारियों की स्थिति बेहद दयनीय है और नए-नए कानून बनाकर उन्हें असुरक्षित माहौल में धकेला जा रहा है। रसायन विज्ञान के प्रवक्ता और एलएलबी डॉ. अरुण दत्त, प्रमुख सलाहकार ने कहा कि जिस प्रदेश में सरकार अपने कानून बनाकर न्यायपालिका के आदेशों को नजरअंदाज करे, वहां आमजन न्याय के लिए कहां जाए।
मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को कानूनी अधिकारों के तहत जो लाभ एक दशक पहले हाईकोर्ट ने दिए थे, उन्हें भी सरकार अपने नए कानूनों से वापस लेने की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार ने पिछले तीन साल में कर्मचारियों को एक भी भत्ता नहीं दिया। पेंशन बंद करने के प्रयासों से सरकार कर्मचारियों को ऐसी स्थिति में धकेल रही है कि वे किसानों की तरह आत्महत्या करने पर मजबूर न हो जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोर्चा का कहना है कि प्रदेश में कर्मचारियों की स्थिति बेहद दयनीय है और नए-नए कानून बनाकर उन्हें असुरक्षित माहौल में धकेला जा रहा है। रसायन विज्ञान के प्रवक्ता और एलएलबी डॉ. अरुण दत्त, प्रमुख सलाहकार ने कहा कि जिस प्रदेश में सरकार अपने कानून बनाकर न्यायपालिका के आदेशों को नजरअंदाज करे, वहां आमजन न्याय के लिए कहां जाए।
विज्ञापन
मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को कानूनी अधिकारों के तहत जो लाभ एक दशक पहले हाईकोर्ट ने दिए थे, उन्हें भी सरकार अपने नए कानूनों से वापस लेने की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार ने पिछले तीन साल में कर्मचारियों को एक भी भत्ता नहीं दिया। पेंशन बंद करने के प्रयासों से सरकार कर्मचारियों को ऐसी स्थिति में धकेल रही है कि वे किसानों की तरह आत्महत्या करने पर मजबूर न हो जाएं।
विज्ञापन