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Kangra News: बाढ़ में बह गई रेलवे पुल की सुरक्षा दीवार, रेलगाड़ियों की रफ्तार घटाई
Mon, 25 Aug 2025 08:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 25 Aug 2025 08:08 AM IST
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जालंधर-जम्मू रेलवे ट्रैक पर चक्की पर बने पुल की टूटी सुरक्षा दिवार। स्रोत: जागरूक पाठक
धर्मशाला। जिला के माजरा में चक्की खड्ड में रविवार को आई बाढ़ से जम्मू-पठानकोट-जालंधर रेलवे ट्रैक पर बने पुल के नीचे की सुरक्षा दीवार पूरी तरह बह गई। तेज बहाव के कारण पुल के नीचे भूमि कटाव भी शुरू हो गया है। स्थिति को देखते हुए रेलवे विभाग ने सतर्कता बरतते हुए पुल से ट्रेनों की आवाजाही 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से सुनिश्चित की है।
यह पुल रणनीतिक दृष्टि से अहम है, क्योंकि यहां से रोजाना करीब 90 रेलगाड़ियां गुजरती हैं और यह जम्मू-कश्मीर को हिमाचल, पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों से जोड़ता है। उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई को भी तेज बहाव के चलते पुल की आधी सुरक्षा दीवार गिर गई थी, उस समय भी पुल से रेलगाड़ी गुजर रही थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार गिरने की बड़ी वजह खड्ड में अवैध खनन है। रेलवे विभाग ने पूर्व में नुकसान का आकलन कर मरम्मत का प्रारूप तैयार किया था, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो सका। रविवार को दीवार पूरी तरह बह जाने से खतरा और बढ़ गया है। रेलवे विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और एहतियात के तौर पर ट्रेनें 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पुल से गुजारी जा रही हैं।
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यह पुल रणनीतिक दृष्टि से अहम है, क्योंकि यहां से रोजाना करीब 90 रेलगाड़ियां गुजरती हैं और यह जम्मू-कश्मीर को हिमाचल, पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों से जोड़ता है। उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई को भी तेज बहाव के चलते पुल की आधी सुरक्षा दीवार गिर गई थी, उस समय भी पुल से रेलगाड़ी गुजर रही थी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार गिरने की बड़ी वजह खड्ड में अवैध खनन है। रेलवे विभाग ने पूर्व में नुकसान का आकलन कर मरम्मत का प्रारूप तैयार किया था, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो सका। रविवार को दीवार पूरी तरह बह जाने से खतरा और बढ़ गया है। रेलवे विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और एहतियात के तौर पर ट्रेनें 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पुल से गुजारी जा रही हैं।
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