{"_id":"68a08759b23c6664a10394c2","slug":"the-pain-of-partition-echoed-in-literary-voices-kangra-news-c-95-1-kng1034-190953-2025-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: साहित्यिक स्वरों में गूंजी विभाजन की पीड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: साहित्यिक स्वरों में गूंजी विभाजन की पीड़ा
Sun, 17 Aug 2025 06:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 17 Aug 2025 06:57 AM IST
विज्ञापन
राजा का तालाब (कांगड़ा)। वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी विभागों ने साहित्यिक क्लब के सहयोग से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया। छात्रों की कविताओं, कहानियों और पाठों के माध्यम से 1947 के विभाजन की त्रासदी, दर्द और विस्थापन की पीड़ा साहित्यिक स्वरूप में गूंज उठी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुखदेव ने किया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा मिश्रा ने विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और साहित्य में उसके चित्रण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भीष्म साहनी, यशपाल, अमृता प्रीतम और खुशवंत सिंह जैसे लेखकों ने विभाजन की पीड़ा को अपनी रचनाओं के माध्यम से अमर कर दिया।
छात्रा हिया ने ट्रेन टू पाकिस्तान से अंश प्रस्तुत किया, अक्षिता ने अमृता प्रीतम की कविता का भावपूर्ण पाठ किया, जबकि बाला शर्मा और कंगना ने अपनी कविताओं से विभाजन की पीड़ा को स्वर दिया। शुभम शर्मा ने भीष्म साहनी की कहानी मलबे का मालिक का वाचन किया और अंकिता राणा ने लाजवंती की मार्मिक प्रस्तुति पेश की।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. सचिन कुमार ने कहा कि किसी भी त्रासदी के लिए केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा समाज जिम्मेदार होता है। उन्होंने छात्रों से इतिहास से सीख लेकर आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में 75 छात्र-छात्राओं सहित कॉलेज स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुखदेव ने किया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा मिश्रा ने विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और साहित्य में उसके चित्रण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भीष्म साहनी, यशपाल, अमृता प्रीतम और खुशवंत सिंह जैसे लेखकों ने विभाजन की पीड़ा को अपनी रचनाओं के माध्यम से अमर कर दिया।
विज्ञापन
छात्रा हिया ने ट्रेन टू पाकिस्तान से अंश प्रस्तुत किया, अक्षिता ने अमृता प्रीतम की कविता का भावपूर्ण पाठ किया, जबकि बाला शर्मा और कंगना ने अपनी कविताओं से विभाजन की पीड़ा को स्वर दिया। शुभम शर्मा ने भीष्म साहनी की कहानी मलबे का मालिक का वाचन किया और अंकिता राणा ने लाजवंती की मार्मिक प्रस्तुति पेश की।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. सचिन कुमार ने कहा कि किसी भी त्रासदी के लिए केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा समाज जिम्मेदार होता है। उन्होंने छात्रों से इतिहास से सीख लेकर आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में 75 छात्र-छात्राओं सहित कॉलेज स्टाफ मौजूद रहा।