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Kangra News: दर्द बढ़ता जाता है और इलाज नहीं मिलता

Sat, 30 Mar 2024 12:23 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Sat, 30 Mar 2024 12:23 AM IST
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The pain increases and there is no treatment
धर्मशाला। टांडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों को सैंपल देने के बाद टेस्ट रिपोर्ट लेने के लिए घंटों देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। पहले तो मरीज रिपोर्ट के लिए भटकते हैं। इसके बाद मरीजों को शाम साढ़े तीन बजे के बाद रिपोर्ट मिलती है तो ओपीडी में शाम चार बजे के बाद उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिल पाते। इससे हफ्ते में दो बार ओपीडी में मिलने वाले डॉक्टरों से इलाज के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है और उन्हें कई बार एक हफ्ते बाद इलाज नसीब हो पाता और उनका दर्द बढ़ता चला जाता है। जानकारी के अनुसार रोजाना छह जिलों से मरीज इलाज के लिए टांडा अस्पताल आते हैं।
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यहां एक दिन में लगभग 3,000 से अधिक की ओपीडी रहती है। अकसर अपनी रिपोर्ट लेने के लिए भी सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल में बैठ कर मरीजों को दिन बर्बाद करना पड़ता है। दिक्कत यहां आ रही है कि अगर मरीज सुबह नौ बजे भी अपने टेस्ट का सैंपल देते हैं, तब भी उन्हें दोपहर बाद तीन या साढ़े तीन बजे के करीब रिपाेर्ट मिलती है। टेस्ट रिपोर्ट समय से न मिलने की वजह से लोगों को अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे कामकाजी लोगों के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोगों और महिलाओं को परेशानी होती है। समय से इलाज न मिलने के कारण अकसर निजी क्लीनिक में लोग टेस्ट करवाने को मजबूर हो रहे हैं जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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लोग बोले-मजबूर होकर निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा
टांडा आए मरीज राहुल, सुमन, रेणु और कमलेश ने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट लेने के लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा, जिस वजह से उन्हें डाॅक्टर नहीं मिल पाए और उन्हें अगली ओपीडी का इंतजार करना पड़ा। मरीजों की गंभीरता को देखने के बाद तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख कर लिया। सरकार को सैंपल देने के कुछ घंटे बाद रिपोर्ट प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
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यह समस्या कर्मचारियों की कमी के कारण हो रही है। सरकार जब कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरेगी उसके बाद ही इस समस्या में कोई सुधार आ सकता है।
डॉ. मोहन, एमएस, टांडा मेडिकल कॉलेज
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