फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   The discussion on Dashraj war seen from European perspective deviated from reality: Prof. Jha

दशराज युद्ध को यूरोपीय दृष्टि से देखा वास्तविकता से भटका विमर्श : प्रो. झा

Wed, 02 Jul 2025 01:08 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jul 2025 01:08 AM IST
विज्ञापन
The discussion on Dashraj war seen from European perspective deviated from reality: Prof. Jha
धर्मशाला। यूरोपीय चिंतकों ने भारतीय इतिहास और वेदों की घटनाओं की अपने दृष्टिकोण से व्याख्या कर भारतीय विमर्श को भटकाया है।
विज्ञापन

उन्होंने दशराज युद्ध जैसे ऐतिहासिक प्रसंग को ट्राइबल संघर्ष बताकर उसे आर्य-अनार्य या दास बनाम ब्राह्मण-क्षत्रिय संघर्ष के रूप में गलत ढंग से प्रस्तुत किया।
यह बात जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्कूल ऑफ संस्कृत एंड इंडिक स्टडीज के आचार्य प्रो. राम नाथ झा ने कही। वे सप्त सिंधु फाउंडेशन न्यास द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

‘बैटल ऑफ टेन किंग्स इन रिग्वेदा : आईडेंटिफाइंग पार्टिसिपेटिंग कम्युनिटीज’ विषय पर अपने व्याख्यान में प्रो. झा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में संसार को दैवीय और आसुरी शक्तियों के संघर्ष के रूप में देखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि वैदिक काल में रावी नदी के तट पर हुआ दशराज युद्ध भी इसी टकराव का प्रतीक था और यह टकराव आज भी विभिन्न रूपों में विश्व मंच पर जारी है, चाहे वह भारत-पाक संघर्ष हो या वैश्विक युद्ध।
वेदों को समझने के लिए उनके रचियता ऋषियों की अंतर्दृष्टि को समझना जरूरी है, जबकि यूरोपीय चिंतक किसी भी विषय को अपनी अवधारणाओं के अनुसार समझने का आग्रह करते हैं।

इसी कारण भारतीय ग्रंथों की कई अवधारणाओं की दुर्व्याख्या हुई है, जिसे बाद में भारत के वामपंथी चिंतकों ने भी आगे बढ़ाया।
प्रो. झा ने यह भी कहा कि भारतीय ग्रंथों को भारतीय संदर्भों और दर्शन के अनुसार ही समझा और प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि मूल ज्ञान परंपरा की गरिमा बनी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed