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Kangra News: गाय की मौत पर नहीं दिया क्लेम, अब कंपनी ब्याज सहित देगी 50 हजार रुपये
Wed, 25 Feb 2026 08:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 25 Feb 2026 08:34 AM IST
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धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी को बीमित गाय की मृत्यु पर क्लेम राशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए कि वे शिकायतकर्ता को 50,000 रुपये की क्लेम राशि 9 फीसदी ब्याज के साथ अदा करें।
इसके अतिरिक्त के आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने कंपनी को 10 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में और 5 हजार रुपये मुकदमा फीस के तौर पर भी देने के आदेश दिए हैं। गुरनवाड़ (डाडासीबा) निवासी अरविंद कुमार ने अपनी गाय का बीमा केसीसी बैंक के माध्यम से बजाज आलियांज कंपनी से करवाया था, जो सितंबर 2024 तक वैध था।
मानक प्रक्रिया के तहत पशु चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी कर गाय के कान में पहचान टैग लगाया था। जुलाई 2024 में घास के जहर के कारण गाय की मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस और पशु चिकित्सा अधिकारी को दी गई। उपभोक्ता ने जब बैंक के माध्यम से क्लेम फाइल किया तो बीमा कंपनी ने दावा खारिज कर दिया और कहा कि मृत गाय का शव बीमित पशु से मेल नहीं खाता और पहचान टैग बदल दिया है।
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इस पर उपभोक्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पाया कि उपभोक्ता का दावा सही था और कंपनी द्वारा क्लेम रोकना अनुचित था। इसके बाद उपभोक्ता के पक्ष में यह निर्णय सुनाया गया।
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इसके अतिरिक्त के आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने कंपनी को 10 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में और 5 हजार रुपये मुकदमा फीस के तौर पर भी देने के आदेश दिए हैं। गुरनवाड़ (डाडासीबा) निवासी अरविंद कुमार ने अपनी गाय का बीमा केसीसी बैंक के माध्यम से बजाज आलियांज कंपनी से करवाया था, जो सितंबर 2024 तक वैध था।
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मानक प्रक्रिया के तहत पशु चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी कर गाय के कान में पहचान टैग लगाया था। जुलाई 2024 में घास के जहर के कारण गाय की मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस और पशु चिकित्सा अधिकारी को दी गई। उपभोक्ता ने जब बैंक के माध्यम से क्लेम फाइल किया तो बीमा कंपनी ने दावा खारिज कर दिया और कहा कि मृत गाय का शव बीमित पशु से मेल नहीं खाता और पहचान टैग बदल दिया है।
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इस पर उपभोक्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पाया कि उपभोक्ता का दावा सही था और कंपनी द्वारा क्लेम रोकना अनुचित था। इसके बाद उपभोक्ता के पक्ष में यह निर्णय सुनाया गया।