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Kangra News: टैक्सी यूनियन ने टेंपो ट्रैवलर सेवा के खिलाफ मोर्चा, कहां- बंद करें
Sat, 14 Mar 2026 07:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 14 Mar 2026 07:40 AM IST
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शाहपुर में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया को ज्ञापन देते टैक्सी यूनियन के सदस्य। -स्रोत : यून
गगल (कांगड़ा)। कांगड़ा हवाई अड्डा टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने शुक्रवार को शाहपुर में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। यूनियन ने प्रदेश सरकार द्वारा हवाई अड्डे से मैक्लोडगंज के लिए शुरू की गई एचआरटीसी की टेंपो ट्रैवलर सेवा का कड़ा विरोध करते हुए इसे तुरंत बंद करने की मांग की है।
उपमुख्य सचेतक ने टैक्सी चालकों को आश्वासन दिया कि वह इस विषय पर शीघ्र ही सरकार से बात कर समाधान निकालेंगे। टैक्सी यूनियन ने तर्क दिया कि यह बस सेवा उनके साथ सरासर नाइंसाफी है। यूनियन के अधिकांश सदस्य वे लोग हैं जिन्होंने हवाई अड्डा विस्तारीकरण में अपनी जमीन और घर गंवाए हैं और अब टैक्सी चलाकर आजीविका कमा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यूनियन हर साल हवाई अड्डा अथॉरिटी को लाखों रुपये का शुल्क अदा करती है। ऐसे में कैंपस के भीतर से बस सेवा शुरू करना उनके रोजगार को छीनने जैसा है। यूनियन के अनुसार, हवाई अड्डा टर्मिनल से राष्ट्रीय राजमार्ग की दूरी मात्र 100 मीटर है, जहां पहले से ही रेन शेल्टर बना हुआ है और सरकारी व निजी बसें वहां सवारियां लेती हैं।
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चालकों का कहना है कि गेट के बाहर पर्याप्त परिवहन सुविधा होने के बावजूद परिसर के अंदर से बस चलाना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो प्रभावितों का संघर्ष और तेज होगा।
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उपमुख्य सचेतक ने टैक्सी चालकों को आश्वासन दिया कि वह इस विषय पर शीघ्र ही सरकार से बात कर समाधान निकालेंगे। टैक्सी यूनियन ने तर्क दिया कि यह बस सेवा उनके साथ सरासर नाइंसाफी है। यूनियन के अधिकांश सदस्य वे लोग हैं जिन्होंने हवाई अड्डा विस्तारीकरण में अपनी जमीन और घर गंवाए हैं और अब टैक्सी चलाकर आजीविका कमा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि यूनियन हर साल हवाई अड्डा अथॉरिटी को लाखों रुपये का शुल्क अदा करती है। ऐसे में कैंपस के भीतर से बस सेवा शुरू करना उनके रोजगार को छीनने जैसा है। यूनियन के अनुसार, हवाई अड्डा टर्मिनल से राष्ट्रीय राजमार्ग की दूरी मात्र 100 मीटर है, जहां पहले से ही रेन शेल्टर बना हुआ है और सरकारी व निजी बसें वहां सवारियां लेती हैं।
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चालकों का कहना है कि गेट के बाहर पर्याप्त परिवहन सुविधा होने के बावजूद परिसर के अंदर से बस चलाना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो प्रभावितों का संघर्ष और तेज होगा।