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Kangra News: गुग्गा जाहर वीर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
Mon, 14 Sep 2026 06:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 14 Sep 2026 06:11 AM IST
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लखरूंह स्थित प्रसिद्ध गुग्गा जाहर वीर मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
थानाकलां/बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा की जसाना पंचायत के गांव लखरूंह स्थित प्रसिद्ध गुग्गा जाहर वीर मंदिर में वार्षिक भंडारे का आयोजन किया गया।
इस दौरान लखरूंह सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गुग्गा जाहर वीर के दरबार में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
रविवार सुबह मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हुए। श्रद्धालुओं ने गुग्गा जाहर वीर की आरती में भाग लिया। इसके बाद सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक एवं आध्यात्मिक विचार सुने। इस दौरान सेवा, सद्भाव, भाईचारे और धार्मिक आस्था का संदेश दिया गया।
दोपहर करीब 12 बजे मंदिर परिसर में लंगर शुरू होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर कमेटी और सेवादारों ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से प्रसाद वितरित किया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।
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आयोजकों ने बताया कि मंदिर का वार्षिक भंडारा वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ा है। रक्षाबंधन से गुग्गा जाहर वीर के छत्तर पूजन की परंपरा शुरू होती है और गोगा नवमी के बाद प्रथम परिवार की ओर से वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है। इसी परंपरा के तहत मुख्य सेवक छम्मू पटियाल की ओर से इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन करवाया गया।
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इस दौरान लखरूंह सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गुग्गा जाहर वीर के दरबार में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
रविवार सुबह मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हुए। श्रद्धालुओं ने गुग्गा जाहर वीर की आरती में भाग लिया। इसके बाद सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने धार्मिक एवं आध्यात्मिक विचार सुने। इस दौरान सेवा, सद्भाव, भाईचारे और धार्मिक आस्था का संदेश दिया गया।
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दोपहर करीब 12 बजे मंदिर परिसर में लंगर शुरू होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर कमेटी और सेवादारों ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से प्रसाद वितरित किया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।
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आयोजकों ने बताया कि मंदिर का वार्षिक भंडारा वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ा है। रक्षाबंधन से गुग्गा जाहर वीर के छत्तर पूजन की परंपरा शुरू होती है और गोगा नवमी के बाद प्रथम परिवार की ओर से वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है। इसी परंपरा के तहत मुख्य सेवक छम्मू पटियाल की ओर से इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन करवाया गया।