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Kangra News: सुधीर शर्मा ने लॉ ऑफिसर्स की भूमिका पर उठाए सवाल
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धर्मशाला। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने राज्यपाल को अलग से प्रतिवेदन भेजकर प्रदेश के कुछ सेवारत राज्य विधि अधिकारियों की कथित राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे राज्य के विधि अधिकारियों की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और संस्थागत विश्वसनीयता से जुड़ा मामला बताते हुए राज्यपाल से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
सुधीर शर्मा ने प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस लीगल सेल के बैनर तले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की अगुवाई एक ऐसे पदाधिकारी ने की, जो प्रदेश सरकार में एडिशनल एडवोकेट जनरल के सार्वजनिक पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इस पत्रकार वार्ता में कुछ अन्य सेवारत एडिशनल एडवोकेट जनरल और डिप्टी एडवोकेट जनरल के भी शामिल होने की बात कही है।
विधायक ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इस मामले में राज्य सरकार से तुरंत रिपोर्ट मांगी जाए। साथ ही यह जांच कराई जाए कि सेवारत कानून अधिकारियों की किसी राजनीतिक दल की गतिविधियों में भागीदारी उनके नियुक्ति नियमों और सरकारी नीति के अनुकूल है या नहीं। उन्होंने राज्य के विधि अधिकारियों के कार्यालय की तटस्थता बनाए रखने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। सुधीर शर्मा ने यही मामला हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के समक्ष भी उठाया है।
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सुधीर शर्मा ने प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस लीगल सेल के बैनर तले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की अगुवाई एक ऐसे पदाधिकारी ने की, जो प्रदेश सरकार में एडिशनल एडवोकेट जनरल के सार्वजनिक पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इस पत्रकार वार्ता में कुछ अन्य सेवारत एडिशनल एडवोकेट जनरल और डिप्टी एडवोकेट जनरल के भी शामिल होने की बात कही है।
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विधायक ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इस मामले में राज्य सरकार से तुरंत रिपोर्ट मांगी जाए। साथ ही यह जांच कराई जाए कि सेवारत कानून अधिकारियों की किसी राजनीतिक दल की गतिविधियों में भागीदारी उनके नियुक्ति नियमों और सरकारी नीति के अनुकूल है या नहीं। उन्होंने राज्य के विधि अधिकारियों के कार्यालय की तटस्थता बनाए रखने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। सुधीर शर्मा ने यही मामला हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के समक्ष भी उठाया है।
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