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चुनावी मुद्दा -----------
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धर्मशाला में विभिन्न जगह स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों के लिए बना गया ढ़ांचा।
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला में करीब ढाई साल पहले शहर को स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों से रोशन करने की बात कही गई थी। इसके लिए करीब 25 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट का भी प्रावधान किया गया था, लेकिन ढाई साल बीत जाने के बाद भी स्ट्रीट लाइटों के लिए मात्र खंभा लगाने का ढांचा ही तैयार हो पाया है।
शहर में निगम के जरनल हाउस से लेकर कांग्रेस-भाजपा की बैठकों और जनसभाओं में इस मुद्दे को पूरे जोर से उठाया जाता है। अधिकारियों और ठेकेदारों की लेटलतीफी के चलते शहर में आज दिन तक एक भी स्मार्ट लाइट नहीं लग पाई है।
परियोजना को लेकर करीब छह माह पहले काम शुरू किया गया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी अब तक यह परियोजना खंभों के ढांचे बनाने से आगे नहीं बढ़ पाई है। वहीं, सूत्रों की मानें तो इस परियोजना को लेकर स्मार्ट लाइटों को लगाने वाले खंभे लंबी जद्दोजहद के बाद शहर में पहुंच चुके हैं।
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मार्च 2021 मेें मुख्यमंत्री ने किया था परियोजना का शिलान्यास
स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों के विषय को स्मार्ट सिटी धर्मशाला में साल 2020 में शामिल किया गया था। शिमला में हुई स्मार्ट सिटी की बीओडी बैठक में इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद सितंबर 2020 में इस परियोजना को पूूरा करने को लेकर सहमति तो बनी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वहीं, मार्च 2021 में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से परियोजना का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना को लेकर अक्तूबर 2021 माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्यकारी एजेंसी को काम सौंप दिया गया। लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी के चलते करीब छह माह पहले ही कार्य को शुरू किया गया है। परियोजना को लेकर कार्य में अभी खंभों के ढांचे ही तैयार किए गए हैं। हालांकि स्मार्ट सिटी की ओर से अप्रैल 2023 में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुरानी लाइटें खराब होने के साथ आंख-मिचौनी से छाया रहता है अंधेरा
नगर निगम की ओर से वार्डों में पहले स्ट्रीट लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन इसमें अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। वहीं, कुछ लाइटों की आंख मिचौनी के चलते शहर के मुख्यमार्गों सहित वार्डों की गलियों में अंधेरा छाया रहता है।
क्या कहते हैं लोग
स्मार्ट सिटी की गलियों में छाया रहता है अंधेरा
शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने के साथ स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें लगाने का दावा किया गया था, लेकिन स्मार्ट लाइटें तो दूर की बात शहर की आम लाइटें भी बंद रहने से भी गलियों में अंधेरा छाया रहता है।
- हेमराज, श्यामनगर
पहले पुरानी लाइटों की ही कर दीजिए मरम्मत
शहर में पुरानी लाइटों के बंद रहने से गलियों में अंधेरा छाया रहता है। स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों को लगाने में तो अभी समय लगेगा। ऐसे में निगम और प्रशासन को चाहिए कि पहले पुरानी स्ट्रीट लाइटों की ही मरम्मत करा देते। - विमल कपूर, दाड़ी
अंधेरी गलियों में बना रहता है हादसों का डर
शहर में लगाई गई आम लाइटों को भी मरम्मत की जरूरत है। गलियों में अंधेरा छाए रहने से हादसों का डर बना रहता है। इस परियोजना को तेजी देकर शीघ्र धरातल पर उतारना चाहिए।
-सुधीर, कचहरी अड्डा
स्मार्ट तो छोड़िए आज दिन तक नहीं लग पाई आम लाइटें
धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने की बात की गई थी, लेकिन यह नाम की ही स्मार्ट सिटी है। आलम यह है कि स्मार्ट दो दूर अभी कुछ क्षेत्रों में आम लाइटें भी नहीं लग पाई हैं। - कुश डोगरा, कंड
क्या कहते हैं प्रत्याशी
निगम के सहयोग से परियोजना को दी जाएगी गति
स्मार्ट सिटी धर्मशाला की इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए निगम प्रशासन के सहयोग से परियोजना को गति प्रदान की जाएगी। इसके साथ लंबित पड़ी सभी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा। - राकेश चौधरी, भाजपा उम्मीदवार, धर्मशाला
सभी परियोजनाआें को धरातल में उतारा जाएगा
धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मिला था, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद स्मार्ट सिटी की सभी परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं। कांग्रेस के सत्ता में आते ही सभी विकासात्मक परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाएगा। - सुधीर शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी
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शहर में निगम के जरनल हाउस से लेकर कांग्रेस-भाजपा की बैठकों और जनसभाओं में इस मुद्दे को पूरे जोर से उठाया जाता है। अधिकारियों और ठेकेदारों की लेटलतीफी के चलते शहर में आज दिन तक एक भी स्मार्ट लाइट नहीं लग पाई है।
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परियोजना को लेकर करीब छह माह पहले काम शुरू किया गया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी अब तक यह परियोजना खंभों के ढांचे बनाने से आगे नहीं बढ़ पाई है। वहीं, सूत्रों की मानें तो इस परियोजना को लेकर स्मार्ट लाइटों को लगाने वाले खंभे लंबी जद्दोजहद के बाद शहर में पहुंच चुके हैं।
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मार्च 2021 मेें मुख्यमंत्री ने किया था परियोजना का शिलान्यास
स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों के विषय को स्मार्ट सिटी धर्मशाला में साल 2020 में शामिल किया गया था। शिमला में हुई स्मार्ट सिटी की बीओडी बैठक में इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद सितंबर 2020 में इस परियोजना को पूूरा करने को लेकर सहमति तो बनी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वहीं, मार्च 2021 में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से परियोजना का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना को लेकर अक्तूबर 2021 माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्यकारी एजेंसी को काम सौंप दिया गया। लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी के चलते करीब छह माह पहले ही कार्य को शुरू किया गया है। परियोजना को लेकर कार्य में अभी खंभों के ढांचे ही तैयार किए गए हैं। हालांकि स्मार्ट सिटी की ओर से अप्रैल 2023 में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुरानी लाइटें खराब होने के साथ आंख-मिचौनी से छाया रहता है अंधेरा
नगर निगम की ओर से वार्डों में पहले स्ट्रीट लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन इसमें अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। वहीं, कुछ लाइटों की आंख मिचौनी के चलते शहर के मुख्यमार्गों सहित वार्डों की गलियों में अंधेरा छाया रहता है।
क्या कहते हैं लोग
स्मार्ट सिटी की गलियों में छाया रहता है अंधेरा
शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने के साथ स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें लगाने का दावा किया गया था, लेकिन स्मार्ट लाइटें तो दूर की बात शहर की आम लाइटें भी बंद रहने से भी गलियों में अंधेरा छाया रहता है।
- हेमराज, श्यामनगर
पहले पुरानी लाइटों की ही कर दीजिए मरम्मत
शहर में पुरानी लाइटों के बंद रहने से गलियों में अंधेरा छाया रहता है। स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों को लगाने में तो अभी समय लगेगा। ऐसे में निगम और प्रशासन को चाहिए कि पहले पुरानी स्ट्रीट लाइटों की ही मरम्मत करा देते। - विमल कपूर, दाड़ी
अंधेरी गलियों में बना रहता है हादसों का डर
शहर में लगाई गई आम लाइटों को भी मरम्मत की जरूरत है। गलियों में अंधेरा छाए रहने से हादसों का डर बना रहता है। इस परियोजना को तेजी देकर शीघ्र धरातल पर उतारना चाहिए।
-सुधीर, कचहरी अड्डा
स्मार्ट तो छोड़िए आज दिन तक नहीं लग पाई आम लाइटें
धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने की बात की गई थी, लेकिन यह नाम की ही स्मार्ट सिटी है। आलम यह है कि स्मार्ट दो दूर अभी कुछ क्षेत्रों में आम लाइटें भी नहीं लग पाई हैं। - कुश डोगरा, कंड
क्या कहते हैं प्रत्याशी
निगम के सहयोग से परियोजना को दी जाएगी गति
स्मार्ट सिटी धर्मशाला की इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए निगम प्रशासन के सहयोग से परियोजना को गति प्रदान की जाएगी। इसके साथ लंबित पड़ी सभी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा। - राकेश चौधरी, भाजपा उम्मीदवार, धर्मशाला
सभी परियोजनाआें को धरातल में उतारा जाएगा
धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मिला था, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद स्मार्ट सिटी की सभी परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं। कांग्रेस के सत्ता में आते ही सभी विकासात्मक परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाएगा। - सुधीर शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी