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Kangra News: पुत्र वियोग में श्रवण के माता-पिता ने त्यागे प्राण
Mon, 12 Oct 2026 02:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:08 AM IST
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पास्सू में आयोजित रामलीला के पहले दिन जंगली जानवारों के शिकार की घोषणा करते राजा दशरथ। अमर उजाल
धर्मशाला। जिले भर में श्रद्धा और आस्था के साथ रविवार से रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। धर्मशाला के पास्सु गांव में भी झंडा रस्म के साथ इसका शुभारंभ हुआ। रामलीला के पहले दिन कलाकारों ने श्रवण कुमार और उनके माता-पिता की हृदयविदारक कथा का भावपूर्ण मंचन किया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने वहां मौजूद दर्शकों को भावुक कर दिया।
कथा के माध्यम से बताया गया कि श्रवण कुमार ने माता-पिता के त्याग के बारे में जानकर उन्हें उठाकर चार धाम यात्रा कराने का प्रण लिया। यात्रा के दौरान गलती से राजा दशरथ का बाण लगने से श्रवण की मृत्यु हो गई। श्रवण कुमार के वियोग में उनके माता-पिता ने भी प्राण त्याग दिए। साथ ही उन्होंने राजा दशरथ को भी पुत्र वियोग सहने का श्राप दिया। इस मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
जय मां काली रामलीला क्लब पास्सु के पदाधिकारी स्वरूप कुमार, अरविंद, रमन, सचिन आदि ने बताया कि रामायण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष इसका आयोजन किया जाता है। इसके जरिए समाज को मर्यादा, आदर्श और पारिवारिक संस्कारों का महत्व समझाने का प्रयास रहता है।
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कथा के माध्यम से बताया गया कि श्रवण कुमार ने माता-पिता के त्याग के बारे में जानकर उन्हें उठाकर चार धाम यात्रा कराने का प्रण लिया। यात्रा के दौरान गलती से राजा दशरथ का बाण लगने से श्रवण की मृत्यु हो गई। श्रवण कुमार के वियोग में उनके माता-पिता ने भी प्राण त्याग दिए। साथ ही उन्होंने राजा दशरथ को भी पुत्र वियोग सहने का श्राप दिया। इस मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
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जय मां काली रामलीला क्लब पास्सु के पदाधिकारी स्वरूप कुमार, अरविंद, रमन, सचिन आदि ने बताया कि रामायण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष इसका आयोजन किया जाता है। इसके जरिए समाज को मर्यादा, आदर्श और पारिवारिक संस्कारों का महत्व समझाने का प्रयास रहता है।
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