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Kangra News: शिमला की काकुल भारतीय अंडर-18 वॉलीबाल टीम में शामिल
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वॉलीबाल खिलाड़ी काकुल।
धर्मशाला। शिमला जिले के ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर साई के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) धर्मशाला तक पहुंची वॉलीबाल खिलाड़ी काकुल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। काकुल का चयन अंडर-18 एशियाई वॉलीबाल चैंपियनशिप के लिए भारतीय बालिका टीम में हुआ है। यह प्रतियोगिता एक से सात जुलाई तक थाईलैंड में आयोजित होगी।
काकुल ने 18 जून 2024 को साई एनसीओई धर्मशाला में प्रवेश लिया था। पिछले दो वर्षों के दौरान उन्होंने विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में लगातार कठिन अभ्यास किया। अनुशासन, समर्पण और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का भरोसा जीता और भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की।
काकुल का चयन साई एनसीओई धर्मशाला के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और विशेषज्ञ कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। काकुल की सफलता इसी प्रयास का ताजा और बेहतरीन उदाहरण है।
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सेंटर के सहायक निदेशक जेपी शानी, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने काकुल को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी हैं। सभी को पूरी उम्मीद है कि वह एशियाई चैंपियनशिप में शानदार खेल दिखाकर देश और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचने वाली काकुल की यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उनका यह सफर बताता है कि प्रतिभा को यदि सही मंच, बेहतर प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन मिले तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती है।
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काकुल ने 18 जून 2024 को साई एनसीओई धर्मशाला में प्रवेश लिया था। पिछले दो वर्षों के दौरान उन्होंने विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में लगातार कठिन अभ्यास किया। अनुशासन, समर्पण और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का भरोसा जीता और भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की।
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काकुल का चयन साई एनसीओई धर्मशाला के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और विशेषज्ञ कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। काकुल की सफलता इसी प्रयास का ताजा और बेहतरीन उदाहरण है।
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सेंटर के सहायक निदेशक जेपी शानी, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने काकुल को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी हैं। सभी को पूरी उम्मीद है कि वह एशियाई चैंपियनशिप में शानदार खेल दिखाकर देश और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचने वाली काकुल की यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उनका यह सफर बताता है कि प्रतिभा को यदि सही मंच, बेहतर प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन मिले तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती है।