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Kangra News: ट्रेन से पैर फिसलने से शाहपुर के युवक की कर्नाटक में मौत
Mon, 01 Sep 2025 07:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 01 Sep 2025 07:24 AM IST
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शाहपुर (कांगड़ा)। ग्राम पंचायत हरनेरा के बड़ंज निवासी 20 वर्षीय अभिषेक की कर्नाटक में ट्रेन हादसे में मौत हो गई। रविवार को उसका शव गांव पहुंचा, जहां दोपहर बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार बड़ंज निवासी सुरेंद्र कुमार कर्नाटक में पल्लेदारी का काम करते थे। इस बार वह अपने 20 वर्षीय बेटे अभिषेक को भी साथ ले जा रहे थे, ताकि दो मिलकर कमाएंगे तो घर का खर्चा ठीक ढंग से चल पड़ेगा। 27 अगस्त को सुरेंद्र कुमार बेटे अभिषेक के साथ घर से निकले थे, लेकिन 29 अगस्त को होसपेट के पास ट्रेन से पैर फिसलने के कारण अभिषेक नीचे गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घर से हजारों किलोमीटर दूर बेटे की मौत के बाद सुरेंद्र कुमार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शव को गांव तक लाना भी बड़ी चुनौती बन गया। मामले की जानकारी मिलने पर विधायक केवल सिंह पठानिया ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने कर्नाटक सरकार से संपर्क साधते हुए युवा कांग्रेस और स्थानीय विधायकों के माध्यम से सहयोग जुटाया। उनकी पहल से दो घंटे में औपचारिकताएं पूरी हुईं और शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया।
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विधायक पठानिया ने अपनी ओर से 70 हजार रुपये की मदद भेजकर हवाई टिकट करवाया और शव को एम्बुलेंस से बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचाकर हवाई मार्ग से चंडीगढ़ भिजवाया। रविवार सुबह शव चंडीगढ़ पहुंचा और दोपहर को गांव में अंतिम संस्कार हुआ।
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जानकारी के अनुसार बड़ंज निवासी सुरेंद्र कुमार कर्नाटक में पल्लेदारी का काम करते थे। इस बार वह अपने 20 वर्षीय बेटे अभिषेक को भी साथ ले जा रहे थे, ताकि दो मिलकर कमाएंगे तो घर का खर्चा ठीक ढंग से चल पड़ेगा। 27 अगस्त को सुरेंद्र कुमार बेटे अभिषेक के साथ घर से निकले थे, लेकिन 29 अगस्त को होसपेट के पास ट्रेन से पैर फिसलने के कारण अभिषेक नीचे गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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घर से हजारों किलोमीटर दूर बेटे की मौत के बाद सुरेंद्र कुमार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शव को गांव तक लाना भी बड़ी चुनौती बन गया। मामले की जानकारी मिलने पर विधायक केवल सिंह पठानिया ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने कर्नाटक सरकार से संपर्क साधते हुए युवा कांग्रेस और स्थानीय विधायकों के माध्यम से सहयोग जुटाया। उनकी पहल से दो घंटे में औपचारिकताएं पूरी हुईं और शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया।
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विधायक पठानिया ने अपनी ओर से 70 हजार रुपये की मदद भेजकर हवाई टिकट करवाया और शव को एम्बुलेंस से बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचाकर हवाई मार्ग से चंडीगढ़ भिजवाया। रविवार सुबह शव चंडीगढ़ पहुंचा और दोपहर को गांव में अंतिम संस्कार हुआ।