{"_id":"631cd378aa89767be12629ab","slug":"sfi-s-demonstration-in-the-lunge-college-kangra-news-sml42127858","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंज कालेज में एसएफआई का हल्ला बोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंज कालेज में एसएफआई का हल्ला बोल
विज्ञापन
लंज में नए कालेज के बाहर धरना प्रदर्शन करते व नारेवाजी करते हुए लंज कॉलेज के छात्र
- फोटो : Kangra
लंज (कांगड़ा)। लंज कॉलेज में एसएफआई ने जिला सचिव रजनी के नेतृत्व में दूसरे दिन भी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और धरना-प्रदर्शन किया। इसके साथ ही छात्रों ने कहा कि प्रदेश सरकार को क्या जल्द पड़ गई थी जो बिना लाइट व बिना पानी की सप्लाई के कॉलेज के नए भवन का उद्घाटन करना पड़ा।
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की ओर से पीटीए फंड के नाम पर पैसे बटोरने का भी आरोप लगाया। साथ ही छात्रों ने खाली पदों को न भरने पर भी प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर छात्रों ने पुराने कॉलेज भवन के गेट पर नारेबाजी की और धरना दिया। इसके बाद रैली निकाली। छात्रों ने कहा कि नए कॉलेज भवन में पहले सरकार को समस्त स्टाफ के पद भरने चाहिए थे और लाइट व पानी की व्यवस्था पूरी करनी चाहिए थी, जब नए भवन का उद्घाटन करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पांच सालों से राजनीतिक शास्त्र के प्रोफेसर का पद खाली चल रहा है और अंग्रेजी के प्रोफेसर का पद पिछले तीन साल से खाली है। म्यूजिक के प्रोफेसर का पद भी खाली नहीं भरा गया है।
साथ ही सरकार ने साइंस की कक्षाएं भी शुरू कर दीं केमिस्ट्री व फिजिक्स के प्रोफेसरों के अलावा समस्त स्टाफ के पद खाली चल रहे हैं। छात्रों ने कहा कि जब अंग्रेजी के मेन विषय का प्रोफेसर ही नहीं है, तो बच्चों ने तीन सालों में क्या पढ़ा होगा। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता, छात्र हर रोज ऐसे ही प्रदर्शन जारी रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की ओर से पीटीए फंड के नाम पर पैसे बटोरने का भी आरोप लगाया। साथ ही छात्रों ने खाली पदों को न भरने पर भी प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर छात्रों ने पुराने कॉलेज भवन के गेट पर नारेबाजी की और धरना दिया। इसके बाद रैली निकाली। छात्रों ने कहा कि नए कॉलेज भवन में पहले सरकार को समस्त स्टाफ के पद भरने चाहिए थे और लाइट व पानी की व्यवस्था पूरी करनी चाहिए थी, जब नए भवन का उद्घाटन करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पांच सालों से राजनीतिक शास्त्र के प्रोफेसर का पद खाली चल रहा है और अंग्रेजी के प्रोफेसर का पद पिछले तीन साल से खाली है। म्यूजिक के प्रोफेसर का पद भी खाली नहीं भरा गया है।
विज्ञापन
साथ ही सरकार ने साइंस की कक्षाएं भी शुरू कर दीं केमिस्ट्री व फिजिक्स के प्रोफेसरों के अलावा समस्त स्टाफ के पद खाली चल रहे हैं। छात्रों ने कहा कि जब अंग्रेजी के मेन विषय का प्रोफेसर ही नहीं है, तो बच्चों ने तीन सालों में क्या पढ़ा होगा। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता, छात्र हर रोज ऐसे ही प्रदर्शन जारी रखेंगे।
विज्ञापन