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Kangra News: पेंशन और चिकित्सा बिलों के लिए तरसे कृषि विवि के बुजुर्ग पेंशनर
Sat, 14 Mar 2026 08:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 14 Mar 2026 08:07 AM IST
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पालमपुर में पेंशनरों की समस्याएं सुनते विधायक आशीष बुटेल। -स्रोत : सभा
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स सभा ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक बदहाली पर गहरी चिंता जताई है। सभा के अध्यक्ष डॉ. एसपी शर्मा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक आशीष बुटेल से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और सरकार के समक्ष इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाने का आग्रह किया।
सभा ने विधायक को बताया कि विश्वविद्यालय को मिलने वाला सरकारी अनुदान इतना कम है कि प्रतिमाह करीब दो करोड़ रुपये और सालाना 24 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। इसके कारण 1 फरवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक लीव एन्कैशमेंट और पेंशन कम्यूटेशन जैसे लाभ नहीं मिल पाए हैं।
सबसे गंभीर स्थिति चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइंबर्समेंट) की है। वर्ष 2022 से पेंशनरों के मेडिकल दावे लंबित पड़े हैं। बढ़ते स्वास्थ्य खर्चों के बीच वृद्ध पेंशनरों, विधवाओं और पारिवारिक पेंशनरों के लिए जीवनयापन दूभर हो गया है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग के एरियर का मुद्दा भी अभी अधर में लटका है।
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पेंशनर्स सभा ने विधायक से मांग की है कि वे मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला उठाएं ताकि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विश्वविद्यालय के अनुदान में वृद्धि की जा सके। इस अवसर पर डॉ. एसके उपाध्याय, वीरेंद्र कटोच, भीम सिंह राणा और डॉ. हृदयपाल सिंह सहित कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।
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सभा ने विधायक को बताया कि विश्वविद्यालय को मिलने वाला सरकारी अनुदान इतना कम है कि प्रतिमाह करीब दो करोड़ रुपये और सालाना 24 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। इसके कारण 1 फरवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक लीव एन्कैशमेंट और पेंशन कम्यूटेशन जैसे लाभ नहीं मिल पाए हैं।
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सबसे गंभीर स्थिति चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइंबर्समेंट) की है। वर्ष 2022 से पेंशनरों के मेडिकल दावे लंबित पड़े हैं। बढ़ते स्वास्थ्य खर्चों के बीच वृद्ध पेंशनरों, विधवाओं और पारिवारिक पेंशनरों के लिए जीवनयापन दूभर हो गया है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग के एरियर का मुद्दा भी अभी अधर में लटका है।
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पेंशनर्स सभा ने विधायक से मांग की है कि वे मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला उठाएं ताकि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विश्वविद्यालय के अनुदान में वृद्धि की जा सके। इस अवसर पर डॉ. एसके उपाध्याय, वीरेंद्र कटोच, भीम सिंह राणा और डॉ. हृदयपाल सिंह सहित कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।