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Kangra News: रिमाइंडर पर रिमाइंडर.... नहीं मिली निशानदेही की तारीख
Thu, 17 Apr 2025 01:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 17 Apr 2025 01:22 AM IST
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देहरा कॉलेज का मौजूदा भवन। स्त्रोत : संवाद।
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। एफसीए क्लीयरेंस मिलने के बाद भी राजकीय महाविद्यालय देहरा के भवन निर्माण की राह आसान नहीं दिख रही। कॉलेज प्रशासन को कई मामलों में अभी भी जद्दोजहद से गुजरना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 503 के साथ स्थित (निर्माणाधीन केंद्रीय विवि भवन के सामने) 2.7013 हेक्टेयर चिह्नित वन भूमि की एफसीए मंजूरी हाल ही में मिली थी। देहरा कॉलेज भवन निर्माण के लिए करीब 150 कनाल भूमि चिह्नित की गई है।
इसमें से 55 कनाल भूमि की एफसीए क्लीयरेंस मिल चुकी है। साथ ही 25-25 कनाल भूमि का एफआरए केस की प्रक्रिया जारी है। जबकि 30 से 40 कनाल सरकारी भूमि, जो कि कॉलेज के नाम हो चुकी है। कॉलेज प्रशासन चाहता है कि इसी करीब 30-40 कनाल भूमि की निशानदेही पहले करवा दी जाए, ताकि वन भूमि के साथ सरकारी भूमि चिह्नित हो सके। रिमाइंडर के बावजूद तहसील कार्यालय देहरा निशानदेही नहीं कर रहा है। काॅलेज प्रशासन का कहना है कि वह तीन बार निशानदेही के लिए रिमाइंडर भेज चुके हैं। बावजूद इसके तहसील कार्यालय देहरा निशानदेही नहीं कर रहा है, जिससे कई मामलों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
साल 2017 में कॉलेज खोलने की हुई थी घोषणा
तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने साल 2017 में देहरा में कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। उस समय से अभी तक इस कॉलेज को सरकारी स्कूल देहरा में चार कमरों में चलाया जा रहा है। कॉलेज भवन के निर्माण के लिए 10 करोड़ मंजूर हैं और पहली किस्त लोक निर्माण विभाग के मंडल देहरा को मिल चुकी है। लेकिन अभी तक सरकार और प्रशासन कालेज को भूमि मुहैया नहीं हो पा रही है। एफसीए मंजूरी के बाद सरकार को कैंपस फंड जमा करवाना है।
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कॉलेज की भूमि की निशानदेही के तीन बार रिमाइंडर तहसील कार्यालय को भेज चुके हैं लेकिन संबंधित भूमि की निशानदेही आज तक नहीं नहीं हो पाई है।
- डॉ. सतीश सोनी, प्राचार्य, देहरा कॉलेज
जमीन संबंधी औपचारिकताएं संबंधित विभाग को पूरी करनी होती है। जब भूमि ट्रांसफर हो जाएगी या एनओसी मिल जाएगी, निशानदेही की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन इस मामले में उनसे संपर्क करे तो सारी स्थिति को स्पष्ट कर दिया जाएगा।
- कर्म चंद कालिया, तहसीलदार देहरा
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इसमें से 55 कनाल भूमि की एफसीए क्लीयरेंस मिल चुकी है। साथ ही 25-25 कनाल भूमि का एफआरए केस की प्रक्रिया जारी है। जबकि 30 से 40 कनाल सरकारी भूमि, जो कि कॉलेज के नाम हो चुकी है। कॉलेज प्रशासन चाहता है कि इसी करीब 30-40 कनाल भूमि की निशानदेही पहले करवा दी जाए, ताकि वन भूमि के साथ सरकारी भूमि चिह्नित हो सके। रिमाइंडर के बावजूद तहसील कार्यालय देहरा निशानदेही नहीं कर रहा है। काॅलेज प्रशासन का कहना है कि वह तीन बार निशानदेही के लिए रिमाइंडर भेज चुके हैं। बावजूद इसके तहसील कार्यालय देहरा निशानदेही नहीं कर रहा है, जिससे कई मामलों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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साल 2017 में कॉलेज खोलने की हुई थी घोषणा
तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने साल 2017 में देहरा में कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। उस समय से अभी तक इस कॉलेज को सरकारी स्कूल देहरा में चार कमरों में चलाया जा रहा है। कॉलेज भवन के निर्माण के लिए 10 करोड़ मंजूर हैं और पहली किस्त लोक निर्माण विभाग के मंडल देहरा को मिल चुकी है। लेकिन अभी तक सरकार और प्रशासन कालेज को भूमि मुहैया नहीं हो पा रही है। एफसीए मंजूरी के बाद सरकार को कैंपस फंड जमा करवाना है।
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कॉलेज की भूमि की निशानदेही के तीन बार रिमाइंडर तहसील कार्यालय को भेज चुके हैं लेकिन संबंधित भूमि की निशानदेही आज तक नहीं नहीं हो पाई है।
- डॉ. सतीश सोनी, प्राचार्य, देहरा कॉलेज
जमीन संबंधी औपचारिकताएं संबंधित विभाग को पूरी करनी होती है। जब भूमि ट्रांसफर हो जाएगी या एनओसी मिल जाएगी, निशानदेही की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन इस मामले में उनसे संपर्क करे तो सारी स्थिति को स्पष्ट कर दिया जाएगा।
- कर्म चंद कालिया, तहसीलदार देहरा