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Kangra News: कांगड़ा घाटी रेल सेवा बहाल न होने से लोगों में रोष, बढ़ रहा समय और खर्च
Tue, 08 Sep 2026 09:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 08 Sep 2026 09:12 AM IST
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धर्मशाला। कांगड़ा घाटी में लंबे समय से बंद पड़ी रेल सेवा के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम समाप्त होने और परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद रेल सेवा बहाल न होने से लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला कांगड़ा की लगभग 50 पंचायतों के लोग पूरी तरह रेल पर निर्भर हैं।
कांगड़ा घाटी रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि यदि बरसात के चलते रेल संचालन रोका गया था, तो अब मौसम सामान्य होने के बाद इसे शीघ्र बहाल किया जाना चाहिए। सेवा बंद होने का सबसे ज्यादा असर टांडा, नगरोटा, ज्वालामुखी रोड, नूरपुर और पठानकोट आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है।
रोजाना सफर करने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी, मरीज और आम लोग अब सड़क मार्ग पर निर्भर हैं, जिससे उनका समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ गए हैं। जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी सदस्य दीपक भारद्वाज ने कहा कि ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र रहा है। यहां से लोग देश के विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं, लेकिन रेल सेवा बंद होने से यह सुविधा प्रभावित हुई है।
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किराए में भारी अंतर, गरीबों का मुख्य सहारा
पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि कांगड़ा से पठानकोट तक बस का एक तरफ का किराया करीब 180 रुपये है, जबकि ट्रेन से सफर करने पर मात्र 35 से 40 रुपये ही लगते हैं। इस लिहाज से रेल जिला वासियों के लिए बेहद जरूरी है और इसमें अधिकतर गरीब तबके के लोग ही सफर करते हैं।
बरसात के दौरान पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन दो-तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी रिपेयर का थोड़ा काम अभी बचा हुआ है। जैसे ही कार्य पूरा होगा और मौसम अनुकूल रहेगा, रेल सेवा को जल्द बहाल कर दिया जाएगा, ताकि जनता को परेशानी न हो। - विवेक कुमार, डीआरएम, जम्मू डिविजन रेलवे।
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कांगड़ा घाटी रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि यदि बरसात के चलते रेल संचालन रोका गया था, तो अब मौसम सामान्य होने के बाद इसे शीघ्र बहाल किया जाना चाहिए। सेवा बंद होने का सबसे ज्यादा असर टांडा, नगरोटा, ज्वालामुखी रोड, नूरपुर और पठानकोट आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है।
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रोजाना सफर करने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी, मरीज और आम लोग अब सड़क मार्ग पर निर्भर हैं, जिससे उनका समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ गए हैं। जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी सदस्य दीपक भारद्वाज ने कहा कि ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र रहा है। यहां से लोग देश के विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं, लेकिन रेल सेवा बंद होने से यह सुविधा प्रभावित हुई है।
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किराए में भारी अंतर, गरीबों का मुख्य सहारा
पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि कांगड़ा से पठानकोट तक बस का एक तरफ का किराया करीब 180 रुपये है, जबकि ट्रेन से सफर करने पर मात्र 35 से 40 रुपये ही लगते हैं। इस लिहाज से रेल जिला वासियों के लिए बेहद जरूरी है और इसमें अधिकतर गरीब तबके के लोग ही सफर करते हैं।
बरसात के दौरान पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन दो-तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी रिपेयर का थोड़ा काम अभी बचा हुआ है। जैसे ही कार्य पूरा होगा और मौसम अनुकूल रहेगा, रेल सेवा को जल्द बहाल कर दिया जाएगा, ताकि जनता को परेशानी न हो। - विवेक कुमार, डीआरएम, जम्मू डिविजन रेलवे।