{"_id":"6786ba5b889d75823a078fa5","slug":"proposed-golf-course-may-be-scrapped-from-paragpur-kangra-news-c-95-1-ssml1008-161874-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: परागपुर से छिटक सकता है प्रस्तावित गोल्फ कोर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: परागपुर से छिटक सकता है प्रस्तावित गोल्फ कोर्स
Wed, 15 Jan 2025 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 15 Jan 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। जिला कांगड़ा के परागपुर में ग्रीन पार्क के तहत प्रस्तावित गोल्फ कोर्स के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिलने से यह प्रोजेक्ट यहां से शिफ्ट होने की संभावना है। जसवां-परागपुर हलके के परागपुर में चिह्नित भूमि के अतिरिक्त पर्यटन विभाग को निजी भूमि की आवश्यकता थी। लेकिन, निजी भूमि मालिक विभाग से काफी अधिक रकम की मांग कर रहे हैं। जिसे विभाग देने में असमर्थ था। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने भी निजी भूमि मालिकों से चर्चा की। लेकिन, कोई हल नहीं निकाल पाया। जिसके बाद पर्यटन विभाग इसे अन्य स्थान पर शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है।
परागपुर में गोल्फ कोर्स के लिए करीब 16 हेक्टेयर भूमि ही मिल पा रही थी, जो कि काफी कम थी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना चाहते हैं। इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए करीब 50 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। लेकिन, विभाग के पास अभी तक 16 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध हो पा रही है। इसलिए इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण पर्यटन विभाग को मजबूरन इस प्रोजेक्ट दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार करना पड़ रहा है। भूमि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एडीबी की ओर से सरकारी स्तर पर इसका मॉडल बनाया जाएगा।
इस ग्रीन पार्क पर गोल्फ कोर्स के अलावा इसमें अन्य चीजों को सम्मिलित करने को लेकर योजना बनाई जा रही है। हालांकि इस गोल्फ कोर्स के निर्माण के बाद परागपुर में विश्व भर के गोल्फ खिलाड़ी और खेल प्रेमी आएंगे। इससे धरोहर गांव परागपुर में पर्यटन व्यवसाय बढ़ेगा। साथ ही यहां से नादौन में ब्यास नदी के किनारे वाटर स्पोर्ट्स, माइग्रेट वर्ड वॉचिंग, कालेश्वर महादेव मंदिर और ज्वालामुखी में भी पर्यटन को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान का कहना है कि परागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जिस कारण इसे दूसरे जगह शिफ्ट करने पर विचार चल रहा है। इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाए जाने की योजना है। परागपुर में करीब 16 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध हो पा रही है। जो कि काफी कम है।
विज्ञापन
परागपुर में गोल्फ कोर्स के लिए करीब 16 हेक्टेयर भूमि ही मिल पा रही थी, जो कि काफी कम थी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना चाहते हैं। इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए करीब 50 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। लेकिन, विभाग के पास अभी तक 16 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध हो पा रही है। इसलिए इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण पर्यटन विभाग को मजबूरन इस प्रोजेक्ट दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार करना पड़ रहा है। भूमि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एडीबी की ओर से सरकारी स्तर पर इसका मॉडल बनाया जाएगा।
विज्ञापन
इस ग्रीन पार्क पर गोल्फ कोर्स के अलावा इसमें अन्य चीजों को सम्मिलित करने को लेकर योजना बनाई जा रही है। हालांकि इस गोल्फ कोर्स के निर्माण के बाद परागपुर में विश्व भर के गोल्फ खिलाड़ी और खेल प्रेमी आएंगे। इससे धरोहर गांव परागपुर में पर्यटन व्यवसाय बढ़ेगा। साथ ही यहां से नादौन में ब्यास नदी के किनारे वाटर स्पोर्ट्स, माइग्रेट वर्ड वॉचिंग, कालेश्वर महादेव मंदिर और ज्वालामुखी में भी पर्यटन को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान का कहना है कि परागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जिस कारण इसे दूसरे जगह शिफ्ट करने पर विचार चल रहा है। इस गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाए जाने की योजना है। परागपुर में करीब 16 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध हो पा रही है। जो कि काफी कम है।