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Kangra News: जंडौर में खुला बहुतकनीकी संस्थान, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के होंगे कोर्स
Wed, 31 Jul 2024 05:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 31 Jul 2024 05:32 AM IST
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संसारपुर टैरेस (कांगड़ा)। जिला कांगड़ा के जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के जंडौर में नया बहुतकनीकी संस्थान शुरू हुआ है। शैक्षणिक सत्र 2025-25 में इस संस्थान में 102 सीटें दो विभिन्न कोर्सों में भरी जाएंगी। इनमें सिविल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स शामिल हैं। इस संस्थान में सीटें भरने के लिए सुंदरनगर में काउंसलिंग हुई है, जबकि यह राजकीय बहुतकनीकी संस्थान करीब 23 करोड़ रुपये की लागत बना है।
जानकारी के अनुसार जंडौर में शुरू हुए राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू होंगी। इस दौरान 51 सीटें सिविल और 51 सीटें इलेक्ट्रिकल कोर्स की रखी गई हैं। वहीं, कोशिश की जा रही है कि इस संस्थान में अगले शैक्षणिक सत्र में मैकेनिकल और ऑटोमोबाइल कोर्सों की भी कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। मौजूदा समय में नए खुले इस संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग की सामान्य वर्ग से 37, ईडब्ल्यूएस से पांच और टीएफडब्ल्यू वर्ग से एक सीट रिक्त है, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए सामान्य वर्ग से आठ, ईडब्ल्यूएस से पांच और टीएफडब्ल्यू वर्ग से दो सीटें भरी जानी हैं। इन सीटों को भरने के लिए बहुतकनीकी संस्थान सुंदरनगर में सेंटरलाइज्ड स्पॉट काउंसलिंग चली हुई है, जोकि 31 जुलाई तक जारी रहेगी। इस संस्थान का भवन करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।
इसका नींव पत्थर तत्कालीन उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुल्की ओर से 2019 में रखा गया था। इस बहुतकनीकी संस्थान के लिए दिवंगत श्रेष्ठा देवी निवासी जंडौर ने 20 नाल भूमि दान की थी, जो जंडौर गांव में चार बार प्रधान भी रह चुकी थीं। वहीं, ग्राम पंचायत जंडौर के प्रधान सुरेश ठाकुर का कहना है कि पॉलिटेक्निक संस्थान खुलने से आसपास के कई गांवों के बच्चों को इसका फायदा मिलेगा। पॉलिटेक्निक संस्थान के खुलने से क्षेत्र के युवाओं को इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए अब दूरदराज नहीं जाना पड़ेगा, वहीं उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई घरद्वार पर ही मिल जाएगी।
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जानकारी के अनुसार जंडौर में शुरू हुए राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू होंगी। इस दौरान 51 सीटें सिविल और 51 सीटें इलेक्ट्रिकल कोर्स की रखी गई हैं। वहीं, कोशिश की जा रही है कि इस संस्थान में अगले शैक्षणिक सत्र में मैकेनिकल और ऑटोमोबाइल कोर्सों की भी कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। मौजूदा समय में नए खुले इस संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग की सामान्य वर्ग से 37, ईडब्ल्यूएस से पांच और टीएफडब्ल्यू वर्ग से एक सीट रिक्त है, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए सामान्य वर्ग से आठ, ईडब्ल्यूएस से पांच और टीएफडब्ल्यू वर्ग से दो सीटें भरी जानी हैं। इन सीटों को भरने के लिए बहुतकनीकी संस्थान सुंदरनगर में सेंटरलाइज्ड स्पॉट काउंसलिंग चली हुई है, जोकि 31 जुलाई तक जारी रहेगी। इस संस्थान का भवन करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।
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इसका नींव पत्थर तत्कालीन उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुल्की ओर से 2019 में रखा गया था। इस बहुतकनीकी संस्थान के लिए दिवंगत श्रेष्ठा देवी निवासी जंडौर ने 20 नाल भूमि दान की थी, जो जंडौर गांव में चार बार प्रधान भी रह चुकी थीं। वहीं, ग्राम पंचायत जंडौर के प्रधान सुरेश ठाकुर का कहना है कि पॉलिटेक्निक संस्थान खुलने से आसपास के कई गांवों के बच्चों को इसका फायदा मिलेगा। पॉलिटेक्निक संस्थान के खुलने से क्षेत्र के युवाओं को इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए अब दूरदराज नहीं जाना पड़ेगा, वहीं उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई घरद्वार पर ही मिल जाएगी।
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