धर्मशाला। वन विभाग से सेवानिवृत्त डीएफओ एवं पर्यावरण एक्टिविस्ट डॉ. अशोक कुमार सोमल ने कहा कि गर्मियों के दिनों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसमें सबसे अधिक मामलों में लोगों की ओर से ही जंगलों में आग लगाई जाती है। इससे वन संपदा के साथ वन प्राणियों को भी नुकसान पहुंचता है। वहीं, जंगलों में आग लगने से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे तापमान में भी बढ़ोतरी होती है। इसलिए प्रदेश के लोगों से अपील है कि जंगलों में आग लगने पर उसे बुझाने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों का सहयोग जरूर करें। लोगों के सहयोग से इन घटनाओं को कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कई बार इंसान की एक गलती से पूरा जंगल राख हो जाता है। लोगों को चाहिए कि गर्मियों में खुले में कूड़े-कचरे को न जलाएं। डॉ. अशोक ने धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिस वजह से बाढ़ के मामले भी बढ़ रहे हैं। जब जंगलों में पेड़ नहीं होंगे तो बरसात में भूमि का कटाव होगा और इससे बाढ़ आए, जो क्षेत्र को नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय को लेकर डीसी कांगड़ा से भी मुलाकात की जाएगी और उनसे अपील की जाएगी कि हर पंचायत प्रतिनिधि को आग की घटनाओं के दौरान सहायता करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि हमारा हिमाचल इससे बच सके।