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Kangra News: ई-डिस्ट्रिक अपडेट न होने से बलाहर-मसोट के लोग परेशान
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परागपुर (कांगड़ा)। तहसील परागपुर में शामिल किए गए बलाहर और मसोट गांवों के लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासनिक आदेश के तहत 13 अगस्त 2025 को इन गांवों को तहसील देहरा से निकालकर परागपुर तहसील के पटवार वृत्त गढ़ में शामिल किया गया था। कुछ तकनीकी कारणों से आज तक ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले डेढ़ माह से उनके राजस्व संबंधी कार्य पूरी तरह से ठप हैं। स्थिति यह है कि न तो तहसील देहरा कार्यालय में उनके कार्य हो रहे हैं और न ही परागपुर तहसील में हो रहे हैं।
प्रशासनिक स्तर पर इसका कारण ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर विलय से संबंधित एंट्री का लंबित रहना बताया जा रहा है। हालांकि, हिमभूमि पोर्टल पर बलाहर और मसोट गांवों को परागपुर तहसील में दर्शाया जा चुका है। इसके चलते ग्रामीणों की जमाबंदी परागपुर तहसील से जारी हो रही है। दोनों पोर्टलों में तालमेल न होने से नामांतरण, संशोधन और अन्य आवश्यक राजस्व सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मसोट गांव के वरिंदर सिंह, रुपिंदर सिंह, महिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, मस्तान सिंह और जोगिंद्र सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र स्थायी हल किया जाए।
- इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। - कुलवंत सिंह, एसडीएम देहरा।
- जैसे ही बलाहर और मसोट महाल के परागपुर तहसील में विलय की अधिसूचना प्राप्त होगी, ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर एंट्री कर दी जाएगी। -रोहित कुमार, प्रबंधक, ई-डिस्टि्रक कांगड़ा
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प्रशासनिक स्तर पर इसका कारण ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर विलय से संबंधित एंट्री का लंबित रहना बताया जा रहा है। हालांकि, हिमभूमि पोर्टल पर बलाहर और मसोट गांवों को परागपुर तहसील में दर्शाया जा चुका है। इसके चलते ग्रामीणों की जमाबंदी परागपुर तहसील से जारी हो रही है। दोनों पोर्टलों में तालमेल न होने से नामांतरण, संशोधन और अन्य आवश्यक राजस्व सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मसोट गांव के वरिंदर सिंह, रुपिंदर सिंह, महिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, मस्तान सिंह और जोगिंद्र सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र स्थायी हल किया जाए।
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- इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। - कुलवंत सिंह, एसडीएम देहरा।
- जैसे ही बलाहर और मसोट महाल के परागपुर तहसील में विलय की अधिसूचना प्राप्त होगी, ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर एंट्री कर दी जाएगी। -रोहित कुमार, प्रबंधक, ई-डिस्टि्रक कांगड़ा
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