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Kangra News: पीलिया से बचने के लिए सतर्कता बरत रहे लोग
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पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में पानी की टँकीयों को साफ करते जल शक्ति विभाग के कर्मचारी। स्त्रोत :
स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग के निर्देशों का दिख रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। गोहर उपमंडल के चैलचौक क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों के बीच अब स्थानीय लोग बीमारी के आगे हार मानने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन और विभागीय गाइडलाइन का पालन करते हुए लोग खुद भी सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे इस बीमारी पर काबू पाने की उम्मीद मजबूत हुई है।
क्षेत्र में स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग की ओर से जारी निर्देशों का असर साफ नजर आ रहा है। लोग अब उबला हुआ पानी पीने को प्राथमिकता दे रहे हैं और स्वच्छ जल स्रोतों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि वह केवल साफ बावड़ी का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं और उसे उबालकर ही पीते हैं।
बालकृष्ण का कहना है कि लोगों में पीलिया को लेकर दहशत जरूर है, लेकिन अब जागरूकता भी बढ़ी है। लोग साफ-सफाई और खानपान में सावधानी बरत रहे हैं, जिससे बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
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पूर्व वार्ड सदस्य चूड़ामणि ने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग अब भी नालों में गंदगी फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं, जो बीमारी के फैलने का बड़ा कारण बन सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक हर व्यक्ति खुद जागरूक नहीं होगा, तब तक पीलिया जैसी बीमारियों पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल है।
ऐसे करें बचाव
उबला हुआ पानी पीने पर जोर
स्वच्छ जल स्रोतों का उपयोग
टंकियों और जल स्रोतों की सफाई
नालों में गंदगी न फेंकने की अपील
यह सामूहिक प्रयास ही पीलिया के खिलाफ इस लड़ाई में निर्णायक साबित हो सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। गोहर उपमंडल के चैलचौक क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों के बीच अब स्थानीय लोग बीमारी के आगे हार मानने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन और विभागीय गाइडलाइन का पालन करते हुए लोग खुद भी सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे इस बीमारी पर काबू पाने की उम्मीद मजबूत हुई है।
क्षेत्र में स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग की ओर से जारी निर्देशों का असर साफ नजर आ रहा है। लोग अब उबला हुआ पानी पीने को प्राथमिकता दे रहे हैं और स्वच्छ जल स्रोतों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि वह केवल साफ बावड़ी का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं और उसे उबालकर ही पीते हैं।
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बालकृष्ण का कहना है कि लोगों में पीलिया को लेकर दहशत जरूर है, लेकिन अब जागरूकता भी बढ़ी है। लोग साफ-सफाई और खानपान में सावधानी बरत रहे हैं, जिससे बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
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पूर्व वार्ड सदस्य चूड़ामणि ने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग अब भी नालों में गंदगी फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं, जो बीमारी के फैलने का बड़ा कारण बन सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक हर व्यक्ति खुद जागरूक नहीं होगा, तब तक पीलिया जैसी बीमारियों पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल है।
ऐसे करें बचाव
उबला हुआ पानी पीने पर जोर
स्वच्छ जल स्रोतों का उपयोग
टंकियों और जल स्रोतों की सफाई
नालों में गंदगी न फेंकने की अपील
यह सामूहिक प्रयास ही पीलिया के खिलाफ इस लड़ाई में निर्णायक साबित हो सकता है।