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Kangra News: परागपुर की बणी पंचायत का होगा विभाजन, सदवां बनेगी नई पंचायत
Thu, 05 Mar 2026 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 05 Mar 2026 11:15 PM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। जिले में प्रशासनिक सुगमता की दृष्टि से पंचायती राज विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार की जारी अधिसूचना के अनुसार विकास खंड परागपुर के तहत आने वाली बणी पंचायत के विभाजन का मार्ग अब पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। बणी पंचायत को काटकर अब सदवां नाम की नई ग्राम पंचायत का गठन किया जाएगा। क्षेत्र की बढ़ती आबादी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से विभाजन की मांग की जा रही थी।
नई अधिसूचना के मुताबिक नवगठित सदवां पंचायत में बन सदवां और आरक्षित वन सदवां जैसे प्रमुख राजस्व क्षेत्रों को शामिल किया है। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए नई पंचायत का मुख्यालय भी सदवां में ही स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस पुनर्गठन के बाद पुरानी पंचायत बणी के पास इन क्षेत्रों को छोड़कर शेष सभी वार्ड और राजस्व ग्राम पूर्ववत बने रहेंगे।
प्रशासन ने इस सीमांकन को लेकर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। यदि किसी ग्रामीण को इस विभाजन या नए स्वरूप पर कोई आपत्ति है तो वे आगामी तीन दिनों के भीतर उपायुक्त कांगड़ा के कार्यालय में अपना पक्ष रख सकते हैं। जिला अंकेक्षक अधिकारी सर्वेश बिष्ट ने पुष्टि की है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्तियों के निपटारे के पश्चात विभाग द्वारा अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
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नई अधिसूचना के मुताबिक नवगठित सदवां पंचायत में बन सदवां और आरक्षित वन सदवां जैसे प्रमुख राजस्व क्षेत्रों को शामिल किया है। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए नई पंचायत का मुख्यालय भी सदवां में ही स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस पुनर्गठन के बाद पुरानी पंचायत बणी के पास इन क्षेत्रों को छोड़कर शेष सभी वार्ड और राजस्व ग्राम पूर्ववत बने रहेंगे।
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प्रशासन ने इस सीमांकन को लेकर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। यदि किसी ग्रामीण को इस विभाजन या नए स्वरूप पर कोई आपत्ति है तो वे आगामी तीन दिनों के भीतर उपायुक्त कांगड़ा के कार्यालय में अपना पक्ष रख सकते हैं। जिला अंकेक्षक अधिकारी सर्वेश बिष्ट ने पुष्टि की है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्तियों के निपटारे के पश्चात विभाग द्वारा अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
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