{"_id":"690519d867faf9f8890f4aac","slug":"objection-to-inclusion-of-temporary-voters-in-the-electoral-roll-kangra-news-c-95-1-kng1005-203655-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: अस्थायी वोटरों को मतदाता सूची में शामिल करने पर आपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: अस्थायी वोटरों को मतदाता सूची में शामिल करने पर आपत्ति
विज्ञापन
धर्मशाला। विकास खंड धर्मशाला की ग्राम पंचायत गगल में पंजीकृत अस्थायी निवासियों के 70 मतदाताओं को मतदान सूची में यथावत रखने के लिए आपत्ति दर्ज करवाई गई है। यह मामला उपायुक्त कांगड़ा के पास भी पहुंच गया है। धर्मशाला में आयोजित पत्रकारवार्ता में गगल पंचायत की प्रधान रेनु पठानिया ने कहा कि पंचायत में फर्जी तरीके से अन्य राज्यों के 21 परिवारों का परिवार रजिस्टर में पंजीकरण हुआ था।
ये लोग न केवल मतदाता हैं, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं। इस मामले को मई 2025 में बीडीओ कार्यालय में भी उठाया था। जांच के बाद खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत को इन परिवारों को परिवार रजिस्टर में पंजीकरण का सत्यापन करने के लिए संशोधन को स्वतंत्र घोषित किया। इसके बाद 11 अक्तूबर को पंचायत में प्रधान रेनु पठानिया की अध्यक्षता में हुई ग्रामसभा में चर्चा के बाद इन परिवारों को परिवार रजिस्टर से बाहर करने का प्रस्ताव पारित किया गया, लेकिन 27 अक्तूबर को खंड विकास अधिकारी ने इन परिवारों से जुड़े 70 मतदाताओं को यथावत रखने का फैसला दिया है।
प्रधान ने सवाल किया कि जब इन परिवारों को परिवार रजिस्टर से हटा दिया है, तो उन्हें बतौर मतदाता सूची में यथावत क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें कई वोटर दो निकायों में बतौर मतदाता पंजीकृत हैं। एक परिवार ने तो यह भी लिखित में स्वीकार किया है कि उनका पंचायत की भूमि में कब्जा है। कुछेक ने तो स्वयं वोटर सूची से नाम हटाने को कहा था। इस दौरान गगल पंचायत के उपप्रधान भुवनेश चड्ढा भी उनके साथ मौजूद रहे।
विज्ञापन
स्थायी निवासियों का परिवार रजिस्टर में अंकित होना उनका अधिकार है, जबकि अस्थायी निवासियों को भी मतदान का अधिकार है। इसके चलते 70 मतदाताओं को यथावत रखा गया है।
-अभिनीत कात्यायान, बीडीओ, धर्मशाला
विज्ञापन
ये लोग न केवल मतदाता हैं, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं। इस मामले को मई 2025 में बीडीओ कार्यालय में भी उठाया था। जांच के बाद खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत को इन परिवारों को परिवार रजिस्टर में पंजीकरण का सत्यापन करने के लिए संशोधन को स्वतंत्र घोषित किया। इसके बाद 11 अक्तूबर को पंचायत में प्रधान रेनु पठानिया की अध्यक्षता में हुई ग्रामसभा में चर्चा के बाद इन परिवारों को परिवार रजिस्टर से बाहर करने का प्रस्ताव पारित किया गया, लेकिन 27 अक्तूबर को खंड विकास अधिकारी ने इन परिवारों से जुड़े 70 मतदाताओं को यथावत रखने का फैसला दिया है।
विज्ञापन
प्रधान ने सवाल किया कि जब इन परिवारों को परिवार रजिस्टर से हटा दिया है, तो उन्हें बतौर मतदाता सूची में यथावत क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें कई वोटर दो निकायों में बतौर मतदाता पंजीकृत हैं। एक परिवार ने तो यह भी लिखित में स्वीकार किया है कि उनका पंचायत की भूमि में कब्जा है। कुछेक ने तो स्वयं वोटर सूची से नाम हटाने को कहा था। इस दौरान गगल पंचायत के उपप्रधान भुवनेश चड्ढा भी उनके साथ मौजूद रहे।
विज्ञापन
स्थायी निवासियों का परिवार रजिस्टर में अंकित होना उनका अधिकार है, जबकि अस्थायी निवासियों को भी मतदान का अधिकार है। इसके चलते 70 मतदाताओं को यथावत रखा गया है।
-अभिनीत कात्यायान, बीडीओ, धर्मशाला