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प्रदेश में ओबीसी समुदाय अभी तक आरक्षण से वंचित : कर्नल कोहली
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में अब तक किसी भी सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उनके संवैधानिक अधिकारों का पूर्ण लाभ नहीं दिया है। यह आरोप ओबीसी कल्याण मंडल हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष कर्नल स्वरूप कोहली ने एक प्रेस बयान में लगाया।
उन्होंने कहा कि 93वां संविधान संशोधन लागू हुए 19 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अनुच्छेद 15(5) के तहत ओबीसी के बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण अब तक नहीं मिल पाया है। कर्नल कोहली ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जातियों और जनजातियों को इस प्रावधान के अंतर्गत आरक्षण दे रही है, जबकि ओबीसी के अभ्यर्थी इससे वंचित है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।
उन्होंने कहा कि यह न केवल ओबीसी के प्रतिभाशाली छात्रों के अवसरों को छीन रहा है, बल्कि संविधान में निहित समावेशी विकास की सोच को भी कमजोर कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपील की कि अनुच्छेद 15(5) को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से लागू किया जाए तथा सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में उनका वैधानिक अधिकार दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि 93वां संविधान संशोधन लागू हुए 19 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अनुच्छेद 15(5) के तहत ओबीसी के बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण अब तक नहीं मिल पाया है। कर्नल कोहली ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जातियों और जनजातियों को इस प्रावधान के अंतर्गत आरक्षण दे रही है, जबकि ओबीसी के अभ्यर्थी इससे वंचित है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।
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उन्होंने कहा कि यह न केवल ओबीसी के प्रतिभाशाली छात्रों के अवसरों को छीन रहा है, बल्कि संविधान में निहित समावेशी विकास की सोच को भी कमजोर कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपील की कि अनुच्छेद 15(5) को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से लागू किया जाए तथा सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में उनका वैधानिक अधिकार दिया जाए।
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