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शक्तिपीठों में दर्शन के लिए अब करवा सकेंगे ऑनलाइन पंजीकरण
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ज्वालामुखी मंदिर में गर्भगृह में पवित्र ज्योतियों के दर्शन करते हुए श्रद्धालु।
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में प्रमुख शक्तिपीठ ज्वालामुखी, बज्रेश्वरी धाम तथा चामुंडा देवी में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु दर्शन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी करवा सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा templevisit.hp.in लिंक तैयार किया गया है। इस लिंक पर निर्धारित प्रपत्र पर श्रद्धालु दर्शन की तिथि सहित अपना विस्तृत ब्योरा भरकर भेजेंगे।
इसके बाद जिला प्रशासन ऑनलाइन ही मैसेज के माध्यम से संबंधित श्रद्धालु को दर्शनों की तिथि तथा समय इत्यादि के बारे में सूचित कर देगा। यह लिंक विशेष तौर पर श्रावण अष्टमी मेलों के लिए ही तैयार किया गया है। मेलों के समापन के बाद इस लिंक को बंद कर दिया जाएगा। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि इससे श्रद्धालुओं के समय की बचत होगी और कोविड के चलते मंदिरों में भी अत्यधिक भीड़ जमा नहीं होगी।
ऐसे करें पंजीकरण
ऑनलाइन पंजीकरण के लिए श्रद्धालुओं को अपना नाम, पता और शहर का नाम भरना पड़ेगा। इसके बाद जिस मंदिर में उन्हें दर्शन करने हैं, उसका नाम भरना पड़ेगा। साथ ही बताना होगा कि वैक्सीन की कितनी डोज लगवाई हैं। अपना फोन नंबर और कोई आईडी प्रूफ भी देना होगा। 10 वर्ष के ऊपर वाले लोगों की संख्या कितनी है, यह भी जानकारी देनी होगी। सारी जानकारी भरने के बाद श्रद्धालुओं को इसे सेव करना होगा और उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से उन्हें स्वीकृति मिलेगी। डीसी ने बताया कि मंदिरों में आने से पहले उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट या आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी।
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इसके बाद जिला प्रशासन ऑनलाइन ही मैसेज के माध्यम से संबंधित श्रद्धालु को दर्शनों की तिथि तथा समय इत्यादि के बारे में सूचित कर देगा। यह लिंक विशेष तौर पर श्रावण अष्टमी मेलों के लिए ही तैयार किया गया है। मेलों के समापन के बाद इस लिंक को बंद कर दिया जाएगा। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि इससे श्रद्धालुओं के समय की बचत होगी और कोविड के चलते मंदिरों में भी अत्यधिक भीड़ जमा नहीं होगी।
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ऐसे करें पंजीकरण
ऑनलाइन पंजीकरण के लिए श्रद्धालुओं को अपना नाम, पता और शहर का नाम भरना पड़ेगा। इसके बाद जिस मंदिर में उन्हें दर्शन करने हैं, उसका नाम भरना पड़ेगा। साथ ही बताना होगा कि वैक्सीन की कितनी डोज लगवाई हैं। अपना फोन नंबर और कोई आईडी प्रूफ भी देना होगा। 10 वर्ष के ऊपर वाले लोगों की संख्या कितनी है, यह भी जानकारी देनी होगी। सारी जानकारी भरने के बाद श्रद्धालुओं को इसे सेव करना होगा और उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से उन्हें स्वीकृति मिलेगी। डीसी ने बताया कि मंदिरों में आने से पहले उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट या आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी।
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