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Kangra News: अब बॉडी वार्न कैमरों की निगरानी में वाहनों की जांच करेगी नूरपुर पुलिस
Sun, 08 Sep 2024 04:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 08 Sep 2024 04:12 AM IST
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वर्दी पर लगे वार्न कैमरा के साथ पुलिस जवान
नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर ट्रैफिक पुलिस अब बॉडी वार्न कैमरों की निगरानी में वाहनों की जांच करेगी। ट्रैफिक विंग (जसूर, डमटाल और रैहन) के अलावा नूरपुर पुलिस जिले के पांच थानों नूरपुर, इंदौरा, डमटाल, फतेहपुर और जवाली समेत इनके तहत आने वाली नौ चौकियों के जवानों को 40 कैमरे दिए गए हैं।
ड्यूटी के दौरान जवानों को अब वर्दी पर कैमरा लगाना होगा। इन कैमरों में सब कुछ रिकॉर्ड होगा। इससे चालान या अन्य कार्रवाई में पारदर्शिता आएगी और घूस की शिकायतों पर भी विराम लगेगा। यही नहीं, पुलिस से अभद्रता करने वाले चालकों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। कई बार चालक पुलिस से उलझ जाते हैं। पुलिस पर कई आरोप लगते हैं। लेकिन कैमरों की रिकॉर्डिंग से अब सही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इससे कार्य को पारदर्शी तरीके से निष्पादित करने में आसानी होगी।
यदि कोई ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है या पुलिस गलत करती है तो भी इसकी तुरंत जानकारी मिल जाएगी। नूरपुर के एसपी अशोक रतन के मुताबिक बॉडी वार्न कैमरा यातायात ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मी की वर्दी पर लगा रहेगा। कैमरे के जरिये पुलिस और लोगों के बीच हुई बातचीत और अन्य गतिविधियों को कैद किया जा सकेगा। एक तरह से ये सीसीटीवी कैमरे की तरह काम करेगा। इसमें क्षमता के अनुसार चिप भी लगाए जा सकेंगे।
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15 दिन का स्टोर कर सकते हैं डाटा
बॉडी वार्न कैमरे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। ये कैमरे चारों तरफ घूम सकते हैं। 15 दिन तक डाटा स्टोर कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इन कैमरों को जीपीएस के जरिये कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जा सकता है। बॉडी वार्न कैमरे में सॉफ्टवेयर होता है, जिसमें रिकॉर्डिंग रहती है। डाटा के साथ छेड़छाड़ भी नहीं की जा सकती। किसी कार्रवाई के दौरान फुटेज को डिलीट करना या छिपाना भी संभव नहीं होता है।
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ड्यूटी के दौरान जवानों को अब वर्दी पर कैमरा लगाना होगा। इन कैमरों में सब कुछ रिकॉर्ड होगा। इससे चालान या अन्य कार्रवाई में पारदर्शिता आएगी और घूस की शिकायतों पर भी विराम लगेगा। यही नहीं, पुलिस से अभद्रता करने वाले चालकों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। कई बार चालक पुलिस से उलझ जाते हैं। पुलिस पर कई आरोप लगते हैं। लेकिन कैमरों की रिकॉर्डिंग से अब सही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इससे कार्य को पारदर्शी तरीके से निष्पादित करने में आसानी होगी।
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यदि कोई ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है या पुलिस गलत करती है तो भी इसकी तुरंत जानकारी मिल जाएगी। नूरपुर के एसपी अशोक रतन के मुताबिक बॉडी वार्न कैमरा यातायात ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मी की वर्दी पर लगा रहेगा। कैमरे के जरिये पुलिस और लोगों के बीच हुई बातचीत और अन्य गतिविधियों को कैद किया जा सकेगा। एक तरह से ये सीसीटीवी कैमरे की तरह काम करेगा। इसमें क्षमता के अनुसार चिप भी लगाए जा सकेंगे।
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15 दिन का स्टोर कर सकते हैं डाटा
बॉडी वार्न कैमरे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। ये कैमरे चारों तरफ घूम सकते हैं। 15 दिन तक डाटा स्टोर कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इन कैमरों को जीपीएस के जरिये कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जा सकता है। बॉडी वार्न कैमरे में सॉफ्टवेयर होता है, जिसमें रिकॉर्डिंग रहती है। डाटा के साथ छेड़छाड़ भी नहीं की जा सकती। किसी कार्रवाई के दौरान फुटेज को डिलीट करना या छिपाना भी संभव नहीं होता है।