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Kangra News: बनगोड़ू झरने में जाने के लिए अब नहीं लगेंगे 100 रुपये
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बैजनाथ (कांगड़ा)। पैराग्लाइडिंग घाटी बीड़ बिलिंग की गुनेहड़ पंचायत में बने कुदरती झरने बनगोड़ू में जाने पर वन विभाग के सैलानियों से 100 रुपये प्रति व्यक्ति वसूलने के फरमान पर रोक लग गई है। मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल के हस्तक्षेप के बाद अब वन विभाग ने इस निर्णय को फिलहाल वापस ले लिया है। लोगों के विरोध के बीच बीड़ होटल एसोसिएशन ने भी वन विभाग की ओर से जारी नए फरमान का विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए हम सैलानियों को अपने स्कूटर पर बड़ी चुनौती पार करते हुए जान को जोखिम में डाल कर ले जाते हैं। वन विभाग के इस फरमान से वे बेरोजगार हो जाएंगे।
इस बारे वन परिक्षेत्र अधिकारी बीड़ पवन कुमार का कहना है कि इको टूरिज्म सोसायटी के आदेशानुसार यह पर्ची प्रति सैलानी 100 रुपये काटी जा रही है। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने वन विभाग को भूमि पर बनगोडू जाने वाले रास्ते में दुकानें और ढाबे आदि बना लिए हैं और विभाग ने उन्हें कहा है कि खुले में रेह अपनी दुकान चलाते रहें मगर किसी तरह के तिरपाल नहीं होने चाहिए। मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल ने बताया कि किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन लोग वन भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं कर सकेंगे।
बीड़ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश का कहना है कि पहले ही पर्यटकों की आमद क्षेत्र में कम है, मात्र वीकेंड पर ही पर्यटक आते हैं। अधिकतर पर्यटक दिन में ही पैराग्लाइडिंग करके वापस चले जाते हैं। लोग एक दिन से अधिक रुकना पसंद नहीं करते हैं और उन पर यह सरकारी फरमान यहां के पर्यटन व्यवसाय को चौपट कर रहे थे।
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इस बारे वन परिक्षेत्र अधिकारी बीड़ पवन कुमार का कहना है कि इको टूरिज्म सोसायटी के आदेशानुसार यह पर्ची प्रति सैलानी 100 रुपये काटी जा रही है। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने वन विभाग को भूमि पर बनगोडू जाने वाले रास्ते में दुकानें और ढाबे आदि बना लिए हैं और विभाग ने उन्हें कहा है कि खुले में रेह अपनी दुकान चलाते रहें मगर किसी तरह के तिरपाल नहीं होने चाहिए। मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल ने बताया कि किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन लोग वन भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं कर सकेंगे।
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बीड़ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश का कहना है कि पहले ही पर्यटकों की आमद क्षेत्र में कम है, मात्र वीकेंड पर ही पर्यटक आते हैं। अधिकतर पर्यटक दिन में ही पैराग्लाइडिंग करके वापस चले जाते हैं। लोग एक दिन से अधिक रुकना पसंद नहीं करते हैं और उन पर यह सरकारी फरमान यहां के पर्यटन व्यवसाय को चौपट कर रहे थे।
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