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Kangra News: अब सेवानिवृत्त सिविल इंजीनियरों की मदद से बनेंगे भूकंप रोधी मकान

Tue, 11 Feb 2025 12:57 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2025 12:57 AM IST
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Now earthquake resistant houses will be built with the help of retired civil engineers
धर्मशाला। कांगड़ा जिला में भवनों को आपदा-रोधी बनाने और सुरक्षित निर्माण तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत सेवानिवृत्त सिविल इंजीनियरों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वे जिले भर के राजमिस्त्रयों, बार-बाइंडर और बढ़ई का काम करने वाले श्रमिकों को भूकंप-रोधी और सुरक्षित भवन निर्माण के तकनीकी ज्ञान से लैस कर सकें। इस पहल के तहत जिले के सेवानिवृत्त इंजीनियरों को, जिनमें हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, राज्य विद्युत बोर्ड, और जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर और सहायक इंजीनियर शामिल हैं, दो सप्ताह का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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यह प्रशिक्षण इंजीनियरिंग कॉलेज, मस्सल के सहयोग से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की और सीएसआईआर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट में दिया जाएगा। इसमें भूकंप-रोधी निर्माण, राजमिस्त्री कार्य में गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षित भवन निर्माण तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उपायुक्त हेमराज बैरवा और प्राधिकरण के समन्वयक रोबिन के अनुसार कांगड़ा जिला भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और इस पहल से भवन निर्माण की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे आपदा के समय नुकसान को कम किया जा सकेगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षकों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा और उन्हें जिले में मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही, मास्टर ट्रेनरों को सरकार द्वारा अनुमोदित मानदेय भी मिलेगा।
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आवेदन प्रक्रिया: सेवानिवृत्त इंजीनियर इस पहल में भाग लेने के लिए 28 फरवरी 2025 तक अपना आवेदन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा में जमा कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने विभाग, सेवा वर्षों, और भवन निर्माण एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित अनुभव का विवरण आवेदन में देना होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जिले के निर्माण कार्यों को न केवल सुरक्षित बनाया जाएगा, बल्कि आपदा के समय होने वाले संभावित नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।
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