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सीयू का कैंपस न बनना अन्याय, सोए हैं कांगड़ा के नेता : शाता
Tue, 09 Jun 2026 07:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 09 Jun 2026 07:43 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। केंद्रीय विश्वविद्यालय को धर्मशाला में अपना कैंपस बनाने के लिए 14 वर्षों से प्रदेश सरकार का सहयोग न मिल पाना एक बड़ा अन्याय है। धर्मशाला कैंपस के लिए राज्य सरकार द्वारा 30 करोड़ रुपये जारी न करने पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि बरसों से यह अन्याय जारी है और इस मुद्दे पर कांगड़ा के सभी नेता सोए हुए हैं।
शांता कुमार ने कहा कि भारत सरकार के स्पष्ट निर्णय के अनुसार केंद्रीय विश्वविद्यालय का मुख्य कैंपस धर्मशाला में और दूसरा कैंपस देहरा में बनाया जाना है। केंद्र ने धर्मशाला कैंपस के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, लेकिन राज्य सरकार का असहयोग रवैया विकास कार्य में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देहरा कैंपस के लिए तो धन जारी कर दिया, लेकिन धर्मशाला के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि वे पूरे विश्वविद्यालय को देहरा ले जाने के कथित षड्यंत्र का हिस्सा न बनें। शांता कुमार ने इस बात पर संतोष जताया कि मामला अब हिमाचल हाईकोर्ट में है और कोर्ट ने मुख्यमंत्री से जवाब तलब किया है कि वे 30 करोड़ रुपये कब जमा करवा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि हाईकोर्ट की अगली पेशी से पहले यह राशि जमा कर दी जाए, जो विश्वविद्यालय की शानदार राष्ट्रीय रैंकिंग के लिए सरकार की ओर से एक सार्थक उपहार होगा। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बेहतरीन रैंकिंग पर खुशी जताई है।
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शांता कुमार ने कहा कि भारत सरकार के स्पष्ट निर्णय के अनुसार केंद्रीय विश्वविद्यालय का मुख्य कैंपस धर्मशाला में और दूसरा कैंपस देहरा में बनाया जाना है। केंद्र ने धर्मशाला कैंपस के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, लेकिन राज्य सरकार का असहयोग रवैया विकास कार्य में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देहरा कैंपस के लिए तो धन जारी कर दिया, लेकिन धर्मशाला के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि वे पूरे विश्वविद्यालय को देहरा ले जाने के कथित षड्यंत्र का हिस्सा न बनें। शांता कुमार ने इस बात पर संतोष जताया कि मामला अब हिमाचल हाईकोर्ट में है और कोर्ट ने मुख्यमंत्री से जवाब तलब किया है कि वे 30 करोड़ रुपये कब जमा करवा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि हाईकोर्ट की अगली पेशी से पहले यह राशि जमा कर दी जाए, जो विश्वविद्यालय की शानदार राष्ट्रीय रैंकिंग के लिए सरकार की ओर से एक सार्थक उपहार होगा। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बेहतरीन रैंकिंग पर खुशी जताई है।
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