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Kangra News: एनडीएमए टीम ने धर्मशाला-सुधेड़ सड़क और मैक्लोडगंज बाईपास का लिया जायजा

Wed, 05 Nov 2025 08:21 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2025 08:21 AM IST
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NDMA team inspected Dharamshala-Sudher road and McLeodganj bypass
धर्मशाला। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की विशेषज्ञ टीम मंगलवार को धर्मशाला पहुंची। टीम ने कोतवाली बाजार से मैक्लोडगंज वाया खड़ा डंडा रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके अलावा धर्मशाला-सुधेड़ मुख्य मार्ग और मैक्लोडगंज बाईपास सहित अन्य क्षतिग्रस्त मार्गों का भी नुकसान का जायजा लिया।
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निरीक्षण के बाद जिला मुख्यालय में पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (पीडीएनए-2025) पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) शिल्पी बेक्टा ने की। बैठक का उद्देश्य मानसून 2025 के दौरान हुई प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान और राहत कार्यों की समीक्षा करना था। बैठक के दौरान विभिन्न विभागाध्यक्षों ने मानसून सीजन में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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एडीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वर्ष 2025 की आपदा से संबंधित सभी ताजा आंकड़े निर्धारित पोर्टल पर शीघ्र अपलोड किए जाएं, ताकि राज्य व केंद्र सरकार को एक सटीक और समग्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। उन्होंने कहा कि पीडीएनए का उद्देश्य आपदा के वास्तविक प्रभावों का मूल्यांकन करना और भविष्य की आपदा प्रबंधन योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
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इस अवसर पर विशेषज्ञों ने भी जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आपदा के दौरान हुए नुकसान के बिंदुवार पहलुओं पर चर्चा की। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज वैरबा भी बैठक में मौजूद रहे। उन्होंने सेक्टोरल एक्सपर्टस, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ अमित टंडन, एनआईडीएम विशेषज्ञ मंजीत सिंह, पूर्व एनएचएआई विशेषज्ञ विनय कुमार और एचपीएसडीएमए के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ नितिन शर्मा से भी फील्ड स्थिति को लेकर विस्तार से फीडबैक लिया।


मानसून सीजन में गई 18 लोगों की जान
एडीएम शिल्पी बेक्टा ने बताया कि मानसून के दौरान कांगड़ा जिला में विभिन्न स्थानों पर प्राकृतिक आपदा के कारण 773 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। इस दौरान 28 मानव जीवन और 544 पशुओं की हानि दर्ज की गई है। 1,857 से अधिक मकानों व गौशालाओं को आंशिक अथवा पूर्ण क्षति हुई है। सड़कों को हुए नुकसान की अनुमानित लागत 350 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जबकि जल शक्ति विभाग को 261 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। कृषि क्षेत्र में 863 हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुईं, जिससे 316 लाख रुपये से अधिक की क्षति दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त बागवानी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों द्वारा क्रमशः 207 लाख, 716 लाख और 591 लाख रुपये की क्षति बताई गई है। एनएच-503 को हुए नुकसान का अनुमान लगभग 15 करोड़ रुपये आंका गया है।
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