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Kangra News: गगल एयरपोर्ट के रनवे का डिजाइन तैयार, अब फिर होगी बाधाओं की पड़ताल <bha>--</bha><bha>--</bha><bha>--</bha>
Fri, 09 Oct 2026 04:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 09 Oct 2026 04:51 AM IST
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धर्मशाला। गगल एयरपोर्ट के नए रनवे का अंतिम डिजाइन तैयार होने के साथ ही अब आसपास के क्षेत्र में एक बार फिर ओबस्टेकल सर्वे किया जाएगा।
बड़े विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और उड़ान संचालन में किसी तरह की बाधा न रहे, इसके लिए एयरपोर्ट के आसपास मौजूद ऊंची संरचनाओं की नए सिरे से पड़ताल होगी। सर्वे में प्रस्तावित रनवे के उड़ान मार्ग में आने वाली संरचनाओं की ऊंचाई और स्थिति का आकलन किया जाएगा।
प्रस्तावित सर्वे में नए रनवे के करीब 15 से 20 किलोमीटर के दायरे को शामिल किया जा सकता है। इस दौरान क्षेत्र में बनी ऊंची इमारतों, मोबाइल टावरों, पेड़ों, पहाड़ियों, बिजली के खंभों और अन्य संभावित बाधाओं की ऊंचाई व स्थिति की जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि इनमें से कौन सी संरचनाएं विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ के लिए निर्धारित मानकों को प्रभावित कर सकती हैं।
अंतिम डिजाइन के बाद बदलेगा बाधाओं का आकलन
नए रनवे के अंतिम डिजाइन के बाद होने वाला ओबस्टेकल सर्वे इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रनवे की दिशा, लंबाई और एप्रोच पाथ के अनुसार बाधाओं का आकलन भी बदल सकता है। सर्वे के आंकड़ों के आधार पर संबंधित विभाग आगे की प्रक्रिया तय करेंगे। जरूरत के अनुसार ऊंची संरचनाओं को लेकर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकेगी।
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एयरपोर्ट विस्तार योजना में बड़े विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए रनवे और उसके आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। ऐसे में नए सर्वे से एयरपोर्ट के आसपास की मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड तैयार होगा।
गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए रनवे का अंतिम डिजाइन तैयार होने के साथ ही अब नए सिरे से ओबस्टेकल सर्वे किया जाएगा। नए रनवे के करीब 15 से 20 किलोमीटर के दायरे को इसमें शामिल किया जा सकता है। ऊंची इमारतों, मोबाइल टावरों, पेड़ों, पहाड़ियों, बिजली के खंभों और अन्य बाधाओं की ऊंचाई व स्थिति की जांच की जाएगी, ताकि वे विमान के रास्ते में बाधा न बनें। विनय धीमान, जिला पर्यटन अधिकारी
गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण को अब तक क्या हुआ
28 फरवरी 2023 को हिमाचल सरकार ने सोशल इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू की।
सात जुलाई 2023 को भूमि अधिग्रहण के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी हुई।
16 अगस्त 2024 को भूमि अधिग्रहण का अवार्ड नोटिफाई किया गया।
रनवे को 3010 मीटर तक बढ़ाने की योजना है। इसके बाद एयरबस ए-320 और बोइंग 737 जैसे बड़े जेट विमानों के संचालन की संभावना होगी।
विस्तारीकरण के तहत मांझी खड्ड पर 380 मीटर लंबा रनवे ब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है।
अब तक 158 हेक्टेयर भूमि के लिए 2285 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
एयरपोर्ट विस्तारीकरण से 14 मुहाल प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से सात मुहालों की भूमि विभाग के नाम हो चुकी है।
बड़े विमानों से पर्यटन को मिलेगी उड़ान
गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद बड़े विमानों का संचालन संभव होने की उम्मीद है। इससे देश के बड़े महानगरों से धर्मशाला-कांगड़ा के लिए विमान सेवाएं जुड़ने की संभावना है। सीधी विमान सेवा शुरू होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और पर्यटन कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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बड़े विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और उड़ान संचालन में किसी तरह की बाधा न रहे, इसके लिए एयरपोर्ट के आसपास मौजूद ऊंची संरचनाओं की नए सिरे से पड़ताल होगी। सर्वे में प्रस्तावित रनवे के उड़ान मार्ग में आने वाली संरचनाओं की ऊंचाई और स्थिति का आकलन किया जाएगा।
प्रस्तावित सर्वे में नए रनवे के करीब 15 से 20 किलोमीटर के दायरे को शामिल किया जा सकता है। इस दौरान क्षेत्र में बनी ऊंची इमारतों, मोबाइल टावरों, पेड़ों, पहाड़ियों, बिजली के खंभों और अन्य संभावित बाधाओं की ऊंचाई व स्थिति की जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि इनमें से कौन सी संरचनाएं विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ के लिए निर्धारित मानकों को प्रभावित कर सकती हैं।
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अंतिम डिजाइन के बाद बदलेगा बाधाओं का आकलन
नए रनवे के अंतिम डिजाइन के बाद होने वाला ओबस्टेकल सर्वे इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रनवे की दिशा, लंबाई और एप्रोच पाथ के अनुसार बाधाओं का आकलन भी बदल सकता है। सर्वे के आंकड़ों के आधार पर संबंधित विभाग आगे की प्रक्रिया तय करेंगे। जरूरत के अनुसार ऊंची संरचनाओं को लेकर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकेगी।
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एयरपोर्ट विस्तार योजना में बड़े विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए रनवे और उसके आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। ऐसे में नए सर्वे से एयरपोर्ट के आसपास की मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड तैयार होगा।
गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए रनवे का अंतिम डिजाइन तैयार होने के साथ ही अब नए सिरे से ओबस्टेकल सर्वे किया जाएगा। नए रनवे के करीब 15 से 20 किलोमीटर के दायरे को इसमें शामिल किया जा सकता है। ऊंची इमारतों, मोबाइल टावरों, पेड़ों, पहाड़ियों, बिजली के खंभों और अन्य बाधाओं की ऊंचाई व स्थिति की जांच की जाएगी, ताकि वे विमान के रास्ते में बाधा न बनें। विनय धीमान, जिला पर्यटन अधिकारी
गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण को अब तक क्या हुआ
28 फरवरी 2023 को हिमाचल सरकार ने सोशल इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू की।
सात जुलाई 2023 को भूमि अधिग्रहण के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी हुई।
16 अगस्त 2024 को भूमि अधिग्रहण का अवार्ड नोटिफाई किया गया।
रनवे को 3010 मीटर तक बढ़ाने की योजना है। इसके बाद एयरबस ए-320 और बोइंग 737 जैसे बड़े जेट विमानों के संचालन की संभावना होगी।
विस्तारीकरण के तहत मांझी खड्ड पर 380 मीटर लंबा रनवे ब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है।
अब तक 158 हेक्टेयर भूमि के लिए 2285 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
एयरपोर्ट विस्तारीकरण से 14 मुहाल प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से सात मुहालों की भूमि विभाग के नाम हो चुकी है।
बड़े विमानों से पर्यटन को मिलेगी उड़ान
गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद बड़े विमानों का संचालन संभव होने की उम्मीद है। इससे देश के बड़े महानगरों से धर्मशाला-कांगड़ा के लिए विमान सेवाएं जुड़ने की संभावना है। सीधी विमान सेवा शुरू होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और पर्यटन कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है।