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Kangra News: बछवाई में सुबह पांच बजे हुआ भूस्खलन, मची चीख-पुकार
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सुलह विधानसभा के बछवाई में घरों में आई दरारें।
थुरल (कांगड़ा)। ग्राम पंचायत बछवाई के गांव गरडेड़ में मंगलवार सुबह पांच बजे भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। इसकी चपेट में गांव के 14 परिवार आ गए। भूस्खलन होते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। यह सुनते ही नजदीकी गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। भूस्खलन के बाद गांव को जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया है।
मंगलवार सुबह बछवाई पंचायत के गांव गरडेड़ में सुबह पांच बजे भूस्खलन हुआ। इससे घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आना शुरू हो गईं। इसका पता चलते ही ग्रामीणों में चीख-पुकार शुरू हो गई। आसपड़ोस के गांवों के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। घटना को देख उन्होंने छोटे बच्चों समेत लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। साथ ही पशुशालाओं में बांधे मवेशियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला। देखते ही देखते इस गांव को खाली कर दिया और लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया। भूस्खलन से थुरल से बछवाई सड़क धंसने से बंद हो गई है। इससे यातायात भी ठप हो गया है।
सड़क कई जगह पर धंस गई है। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान देशराज, थुरल पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार, राजस्व प्रशासन, लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता राजेश चोपड़ा, जल शक्ति विभाग, बिजली बोर्ड और तहसीलदार थुरल राजेश जरियाल, एसडीएम धीरा सलीम आजम और सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार मौके पर पहुंच गए। सभी ने भूस्खलन प्रभावित इलाके की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित गांव की तरफ जाने पर पाबंदी लगा दी है। यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन से मकान पूरी तरह से फट गए हैं। इन परिवारों की दो स्कूटी और एक गाड़ी भी चपेट में आ गई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावित परिवारों को गांव के विजय शर्मा के नए घर में ठहराया गया है और उन्हें खाने-पीने का सामान और सोने के लिए राहत शिविर लगाया गया है।
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समाज जागरण मंच के सदस्यों ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री दी है। भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लोगों ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे उन्हें जमीन खिसकने का आभास हुआ और अपने घरों से बाहर निकल कर जोर-जोर से चिल्लाए कि सभी लोग जल्दी बाहर निकल जाओ। महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दूसरे गांव से लोग वहां पहुंच गए। प्रशासन ने इस गांव को असुरक्षित घोषित कर दिया है और कहा है कि कोई भी व्यक्ति गांव की तरफ न जाए।
भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्हें राहत शिविर में ठहराया गया है। यहां पर उन्हें हर प्रकार की सहायता की जाएगी। प्रभावित प्रत्येक परिवार को दस-दस हजार रुपये की राशि फौरी राहत के तौर पर दे दी है। भूस्खलन से प्रभावित गांव में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। - सलीम आजम, एसडीएम धीरा
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मंगलवार सुबह बछवाई पंचायत के गांव गरडेड़ में सुबह पांच बजे भूस्खलन हुआ। इससे घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आना शुरू हो गईं। इसका पता चलते ही ग्रामीणों में चीख-पुकार शुरू हो गई। आसपड़ोस के गांवों के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। घटना को देख उन्होंने छोटे बच्चों समेत लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। साथ ही पशुशालाओं में बांधे मवेशियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला। देखते ही देखते इस गांव को खाली कर दिया और लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया। भूस्खलन से थुरल से बछवाई सड़क धंसने से बंद हो गई है। इससे यातायात भी ठप हो गया है।
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सड़क कई जगह पर धंस गई है। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान देशराज, थुरल पुलिस चौकी प्रभारी सुनील कुमार, राजस्व प्रशासन, लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता राजेश चोपड़ा, जल शक्ति विभाग, बिजली बोर्ड और तहसीलदार थुरल राजेश जरियाल, एसडीएम धीरा सलीम आजम और सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार मौके पर पहुंच गए। सभी ने भूस्खलन प्रभावित इलाके की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित गांव की तरफ जाने पर पाबंदी लगा दी है। यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन से मकान पूरी तरह से फट गए हैं। इन परिवारों की दो स्कूटी और एक गाड़ी भी चपेट में आ गई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावित परिवारों को गांव के विजय शर्मा के नए घर में ठहराया गया है और उन्हें खाने-पीने का सामान और सोने के लिए राहत शिविर लगाया गया है।
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समाज जागरण मंच के सदस्यों ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री दी है। भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लोगों ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे उन्हें जमीन खिसकने का आभास हुआ और अपने घरों से बाहर निकल कर जोर-जोर से चिल्लाए कि सभी लोग जल्दी बाहर निकल जाओ। महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दूसरे गांव से लोग वहां पहुंच गए। प्रशासन ने इस गांव को असुरक्षित घोषित कर दिया है और कहा है कि कोई भी व्यक्ति गांव की तरफ न जाए।
भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्हें राहत शिविर में ठहराया गया है। यहां पर उन्हें हर प्रकार की सहायता की जाएगी। प्रभावित प्रत्येक परिवार को दस-दस हजार रुपये की राशि फौरी राहत के तौर पर दे दी है। भूस्खलन से प्रभावित गांव में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। - सलीम आजम, एसडीएम धीरा