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कटोचवंशियों को कांगड़ा किले में मिले निशुल्क प्रवेश : लवली
Tue, 28 Oct 2025 09:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 28 Oct 2025 09:16 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। कांगड़ा किले के भीतर स्थित कटोच वंश की कुलदेवी मां अंबिका के मंदिर में दर्शन के लिए लगने वाले प्रवेश शुल्क पर अब कटोच समुदाय ने कड़ा विरोध जताया है। लवली कटोच ने इसे नाइंसाफी बताते हुए राज्य और केंद्र सरकार से किले में निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था करने की मांग की है।
लवली कटोच ने कहा कि कांगड़ा किले में कई सीढ़ियां चढ़ने के बाद मां अंबिका के मंदिर तक पहुंचा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार प्रथम कटोच राजा का जन्म देवी अंबिका द्वारा एक राक्षस को हराने के बाद उनके पसीने की बूंद से हुआ था। इसलिए यह मंदिर कटोच वंश के लिए एक शांत और अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से किले के भीतर स्थित मंदिर में जब कटोच परिवार में कोई विवाह का आयोजन हो या किसी भी प्रकार के शुभ कार्य के लिए कुलदेवी का आशीर्वाद लेने आते हैं तो उन्हें शुल्क चुकाना पड़ता है। कुल माता के दर्शन करने के लिए बार-बार पैसे लिए जाते हैं, जो पूरे कटोच वंश के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि कटोच वंश के लोगों के लिए किले में प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क किया जाए।
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लवली कटोच ने कहा कि कांगड़ा किले में कई सीढ़ियां चढ़ने के बाद मां अंबिका के मंदिर तक पहुंचा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार प्रथम कटोच राजा का जन्म देवी अंबिका द्वारा एक राक्षस को हराने के बाद उनके पसीने की बूंद से हुआ था। इसलिए यह मंदिर कटोच वंश के लिए एक शांत और अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।
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उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से किले के भीतर स्थित मंदिर में जब कटोच परिवार में कोई विवाह का आयोजन हो या किसी भी प्रकार के शुभ कार्य के लिए कुलदेवी का आशीर्वाद लेने आते हैं तो उन्हें शुल्क चुकाना पड़ता है। कुल माता के दर्शन करने के लिए बार-बार पैसे लिए जाते हैं, जो पूरे कटोच वंश के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि कटोच वंश के लोगों के लिए किले में प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क किया जाए।
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