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हिमाचल प्रदेश: एक साथ उठीं तीन अर्थियां तो रो पड़ा कांगड़ा का झुनैना गांव, किसी ने बेटा खोया तो किसी ने पिता
Mon, 07 Sep 2026 12:03 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, रैत (कांगड़ा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, रैत (कांगड़ा)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:03 PM IST
सार
शाहपुर के भलेड़ पावर हाउस के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले झुनैना गांव के अशोक कुमार, प्रिंस और पवन कुमार का रविवार को एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। 38 वर्षीय अशोक को उनके पांच साल के बेटे ने मुखाग्नि दी, जबकि 18 वर्षीय प्रिंस को उसके पिता पूरन चंद ने कांपते हाथों से विदाई दी। हादसे से तीन परिवारों का सहारा छिन गया।
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अशोक कुमार, पवन कुमार, प्रिंस। (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
शाहपुर के भलेड़ पावर हाउस के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने झुनैना गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवकों की रविवार को पैतृक श्मशानघाट में एक साथ चिताएं जलीं तो पूरा गांव गम में डूब गया। एक साथ तीन नौजवानों की अर्थियां उठते ही हर आंख नम हो गई। परिवारों की चीख-पुकार से माहौल बेहद मार्मिक हो गया।
सबसे भावुक दृश्य उस समय सामने आया, जब 38 वर्षीय अशोक कुमार को उनके महज पांच साल के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी। पिता को अंतिम विदाई देते समय मासूम को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। परिवार के इकलौते बेटे 18 वर्षीय प्रिंस को उसके पिता पूरन चंद ने कांपते हाथों से मुखाग्नि देकर विदा किया। वहीं, 30 वर्षीय पवन कुमार की चिता को उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।
धार्मिक सम्मेलन में जा रहे थे, हादसे ने छीन ली जिंदगी
बताया गया कि तीनों युवक शुक्रवार रात एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। दूली काकड़ा के पास भूस्खलन होने के कारण उन्हें रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इसी दौरान भलेड़ के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीनों युवकों की मौत हो गई।
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सबसे भावुक दृश्य उस समय सामने आया, जब 38 वर्षीय अशोक कुमार को उनके महज पांच साल के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी। पिता को अंतिम विदाई देते समय मासूम को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। परिवार के इकलौते बेटे 18 वर्षीय प्रिंस को उसके पिता पूरन चंद ने कांपते हाथों से मुखाग्नि देकर विदा किया। वहीं, 30 वर्षीय पवन कुमार की चिता को उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।
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धार्मिक सम्मेलन में जा रहे थे, हादसे ने छीन ली जिंदगी
बताया गया कि तीनों युवक शुक्रवार रात एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। दूली काकड़ा के पास भूस्खलन होने के कारण उन्हें रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इसी दौरान भलेड़ के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीनों युवकों की मौत हो गई।
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परिवारों का छिन गया सहारा
हादसे में जान गंवाने वाला प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसने हाल ही में 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी और परिवार को उससे भविष्य की बड़ी उम्मीदें थीं। माता-पिता के लिए वह बुढ़ापे का सहारा माना जा रहा था। वहीं अशोक कुमार और पवन कुमार मजदूरी कर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे थे। तीनों की मौत से उनके परिवारों के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
रविवार को झुनैना के श्मशानघाट में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने नम आंखों से तीनों युवकों को अंतिम विदाई दी और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया। गांव में हर तरफ मातम पसरा रहा।
अंतिम संस्कार में जिला परिषद सदस्य संदीप ठाकुर, दरीणी पंचायत के प्रधान गगन सिंह, उपप्रधान हंसराज, वार्ड सदस्य किरण देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से पीड़ित परिवारों की तत्काल आर्थिक मदद करने की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से आग्रह किया कि तीनों परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें जल्द राहत प्रदान की जाए।
हादसे में जान गंवाने वाला प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसने हाल ही में 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी और परिवार को उससे भविष्य की बड़ी उम्मीदें थीं। माता-पिता के लिए वह बुढ़ापे का सहारा माना जा रहा था। वहीं अशोक कुमार और पवन कुमार मजदूरी कर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे थे। तीनों की मौत से उनके परिवारों के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
रविवार को झुनैना के श्मशानघाट में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने नम आंखों से तीनों युवकों को अंतिम विदाई दी और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया। गांव में हर तरफ मातम पसरा रहा।
अंतिम संस्कार में जिला परिषद सदस्य संदीप ठाकुर, दरीणी पंचायत के प्रधान गगन सिंह, उपप्रधान हंसराज, वार्ड सदस्य किरण देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से पीड़ित परिवारों की तत्काल आर्थिक मदद करने की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से आग्रह किया कि तीनों परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें जल्द राहत प्रदान की जाए।