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यूक्रेन में फंसा जयसिंहपुर का युवक
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जयसिंहपुर (कांगड़ा)। जयसिंहपुर उपमंडल से दो छात्र यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। उनमें से एक बच्चे को वीरवार सुबह एक विशेष चार्टर विमान से घर लाया गया है, लेकिन दूसरा छात्र शिवालिक पुत्र ओम प्रकाश अभी भी यूक्रेन में ही फंसा है।
शिवालिक के पिता पेशे से अध्यापक हैं। वे बच्चे से संपर्क बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि बच्चे अभी सहमे हुए हैं। उन्होंने भारत सरकार तथा हिमाचल सरकार से अनुरोध किया है कि विशेष प्रयास कर बच्चों को सकुशल घर लाने के इंतजाम करें। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय राणा ने बताया कि उनकी बेटी चेरिल भी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए गई थी, जब उन्होंने देखा कि यूक्रेन के हालात ठीक नहीं हैं तो उन्होंने अपनी बेटी को डबल से ज्यादा पैसे देकर एक विशेष चार्टर विमान से घर बुलाया। उन्होंने भी भारत सरकार से अनुरोध किया है कि हिमाचल के कई छात्र वहां पर शिक्षा ग्रहण करने के लिए गए हुए हैं, लेकिन आज वहां फंस गए हैं। उन्हें विशेष प्रयास कर भारत लाया जाना चाहिए। शिवालिक के पिता ओमप्रकाश ने कहा कि हालांकि आज सुबह जो मिसाइल के हमले हुए हैं, वह बेटे की यूनिवर्सिटी से लगभग 500 किलोमीटर दूर हैं। फिर भी शिवालिक की मां संतोष बहुत चिंता कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके बेटे की 28 फरवरी को फ्लाइट बुक है, लेकिन वह भारत सरकार से अनुरोध करेंगे कि वे बच्चों को लाने का विशेष प्रबंध करें। इससे पहले कि वहां और हालात खराब हो जाएं।
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शिवालिक के पिता पेशे से अध्यापक हैं। वे बच्चे से संपर्क बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि बच्चे अभी सहमे हुए हैं। उन्होंने भारत सरकार तथा हिमाचल सरकार से अनुरोध किया है कि विशेष प्रयास कर बच्चों को सकुशल घर लाने के इंतजाम करें। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय राणा ने बताया कि उनकी बेटी चेरिल भी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए गई थी, जब उन्होंने देखा कि यूक्रेन के हालात ठीक नहीं हैं तो उन्होंने अपनी बेटी को डबल से ज्यादा पैसे देकर एक विशेष चार्टर विमान से घर बुलाया। उन्होंने भी भारत सरकार से अनुरोध किया है कि हिमाचल के कई छात्र वहां पर शिक्षा ग्रहण करने के लिए गए हुए हैं, लेकिन आज वहां फंस गए हैं। उन्हें विशेष प्रयास कर भारत लाया जाना चाहिए। शिवालिक के पिता ओमप्रकाश ने कहा कि हालांकि आज सुबह जो मिसाइल के हमले हुए हैं, वह बेटे की यूनिवर्सिटी से लगभग 500 किलोमीटर दूर हैं। फिर भी शिवालिक की मां संतोष बहुत चिंता कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके बेटे की 28 फरवरी को फ्लाइट बुक है, लेकिन वह भारत सरकार से अनुरोध करेंगे कि वे बच्चों को लाने का विशेष प्रबंध करें। इससे पहले कि वहां और हालात खराब हो जाएं।
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