{"_id":"66c1159c4e2c136e070b2d16","slug":"itbp-jawan-from-bhedi-going-to-udhampur-dies-in-bus-in-jammu-kangra-news-c-95-1-ssml1008-143760-2024-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: उधमपुर जा रहे भेड़ी के आईटीबीपी जवान की जम्मू में बस में गई जान, बेटियों ने दी चिता को मुखाग्नि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: उधमपुर जा रहे भेड़ी के आईटीबीपी जवान की जम्मू में बस में गई जान, बेटियों ने दी चिता को मुखाग्नि
Sun, 18 Aug 2024 12:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लंज (कांगड़ा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, लंज (कांगड़ा)।
Updated Sun, 18 Aug 2024 12:14 PM IST
सार
लंज के साथ लगती देहरा विधानसभा क्षेत्र की भटहेड़ पंचायत के भेड़ी गांव के आईटीबीपी जवान सुरेश कुमार जम्मू में बस में यात्रा के दौरान हृदयगति रुकने से मौत हो गई।
विज्ञापन
उधमपुर जा रहे भेड़ी के आईटीबीपी जवान की जम्मू में बस में गई जान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
लंज के साथ लगती देहरा विधानसभा क्षेत्र की भटहेड़ पंचायत के भेड़ी गांव के आईटीबीपी जवान सुरेश कुमार जम्मू में बस में यात्रा के दौरान हृदयगति रुकने से मौत हो गई। सुरेश कुमार के भाई अमर सिंह ने बताया कि सुरेश कुमार 15 दिन की छुट्टी काटकर उधमपुर में अपनी बटालियन में जा रहे थे। जम्मू पहुंचने पर बस में सभी सवारियां उतर गईं, लेकिन जब कंडक्टर ने देखा कि वह कुछ नहीं बोल रहे हैं तो वह सुरेश कुमार को जीएमसी जम्मू ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने सुरेश कुमार को मृतक घोषित कर दिया। बस के स्टाफ ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी और पुलिस ने इसकी सूचना उनकी पैतृक वाहनी 15वीं बटालियन को दी। शनिवार को सुरेश कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भटहेड़ पंचायत के भेड़ी गांव में सैनिक सम्मान के साथ किया गया। सुरेश कुमार अपने पीछे बूढ़ी मां शीला देवी उम्र 85 साल, पत्नी कमलेश कुमारी और दो बेटियां कनिक्षा और तनिशा को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी स्नातक की पढ़ाई कर चुकी है, जबकि छोटी बेटी लंज कॉलेज में पढ़ाई कर रही है।
सरकार और प्रशासन की तरफ से नहीं पहुंचा कोई
जवान सुरेश कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय पंचायत प्रधान चंद्रकांता, उप प्रधान दिलवर सिंह उपस्थित रहे। जबकि सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई भी प्रतिनिधि-अधिकारी नहीं पहुंचा। सैन्य टुकडी ने सुरेश कुमार को सलामी दी। एएसआई विजय कुमार और मदन लाल ने बटालियन उधमपुर की तरफ से सुरेश क सलामी देकर विदा किया।
बेटियों ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि
सुरेश कुमार का शनिवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया तो उनकी बेटियों कनिक्षा और तनिशा और भतीजे अभिषेक ने चिता को मुखाग्नि दी। परिजनों ने बताया सुरेश कुमार ने इस बर की छुट्टी के दौरान अपनी बड़ी बेटी कनिक्षा के लिए लड़का देख लिया था। नवरात्र में मंगनी करने की बात कह कर गए थे, लेकिन किसे पता था कि बेटी की शादी से पहले ही सुरेश कुमार उनको छोड़कर चले जाएंगे। परिवार में सुरेश कुमार की मां, पत्नी और बेटियों को विश्वास नहीं हो रहा कि सुरेश कुमार उनके बीच नहीं हैं। क्योंकि कल ही तो वह यह कह कर गए थे कि जल्द वह वापस आएंगे। परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है और हर जगह बस सुरेश कुमार की ही बातें चल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार और प्रशासन की तरफ से नहीं पहुंचा कोई
जवान सुरेश कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय पंचायत प्रधान चंद्रकांता, उप प्रधान दिलवर सिंह उपस्थित रहे। जबकि सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई भी प्रतिनिधि-अधिकारी नहीं पहुंचा। सैन्य टुकडी ने सुरेश कुमार को सलामी दी। एएसआई विजय कुमार और मदन लाल ने बटालियन उधमपुर की तरफ से सुरेश क सलामी देकर विदा किया।
विज्ञापन
बेटियों ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि
सुरेश कुमार का शनिवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया तो उनकी बेटियों कनिक्षा और तनिशा और भतीजे अभिषेक ने चिता को मुखाग्नि दी। परिजनों ने बताया सुरेश कुमार ने इस बर की छुट्टी के दौरान अपनी बड़ी बेटी कनिक्षा के लिए लड़का देख लिया था। नवरात्र में मंगनी करने की बात कह कर गए थे, लेकिन किसे पता था कि बेटी की शादी से पहले ही सुरेश कुमार उनको छोड़कर चले जाएंगे। परिवार में सुरेश कुमार की मां, पत्नी और बेटियों को विश्वास नहीं हो रहा कि सुरेश कुमार उनके बीच नहीं हैं। क्योंकि कल ही तो वह यह कह कर गए थे कि जल्द वह वापस आएंगे। परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है और हर जगह बस सुरेश कुमार की ही बातें चल रही हैं।
विज्ञापन