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मक्की की फसल को बचाने के लिए मैदान में उतरा कृषि विभाग
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जसवां प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में मक्की की फसल का खराब करते हुए आर्मी वर्म नामक कीट।
- फोटो : Kangra
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में मक्की की फसल पर आर्मी वर्म नामक कीट का हमला हो गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग ने इस कीट की पहचान कर ली है और विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। मंगलवार को कृषि विभाग की टीमों ने डॉ. गौरव सूद की अगुवाई में कोटला बेहड़, कस्बा कोटला और जंडौर पंचायतों का दौरा किया।
दूसरी टीम ने परागपुर क्षेत्र के अंतर्गत पंचायत सरड डोगरी, रक्कड़, सरड बम्मी, अलोह और परागपुर क्षेत्र का दौरा किया। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को इस बीमारी के बारे में जागरूक कर रहे हैं। स्थानीय किसान सुरेश कुमार ,मदन लाल तथा हमीर चंद ने बताया कि अभी मक्की को बीजे हुए 2 सप्ताह भी नहीं हुए और फसल एक कीट की चपेट में आ गई है। समूचे क्षेत्र में मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा रहे इस कीट की रोकथाम के लिए किसानों को कृषि विभाग की ओर से जागरूक किया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए कृषि विभाग परागपुर के पास कोराजन नामक कीटनाशक दवाई उपलब्ध है। किसानों को यह दवाई 50 फीसदी अनुदान पर दी जा रही है। यह कीटनाशक दवाई तीस मिलीमीटर की पैकिंग में उपलब्ध है, जो पांच कनाल क्षेत्र के लिए पर्याप्त है।
कृषि विकास अधिकारी परागपुर मदन मोहन ने बताया कि कृषि विभाग पालमपुर की ओर से गठित की गई टीमें विकास खंड परागपुर के अंतर्गत आने वाली पंचायतों के दौरे पर हैं। अभी तक 25 फीसदी क्षेत्र का निरीक्षण किया जा चुका है और किसानों को कैंपों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। कृषि विषयवाद विशेषज्ञ परागपुर डॉ. उषा राणा ने बताया कि जसवां और डाडासीबा तहसील में कृषि विभाग के कार्यालयों में दवाई भेज दी गई है। मक्की की फसल को बचाने के लिए महकमा अलर्ट है।
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दूसरी टीम ने परागपुर क्षेत्र के अंतर्गत पंचायत सरड डोगरी, रक्कड़, सरड बम्मी, अलोह और परागपुर क्षेत्र का दौरा किया। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को इस बीमारी के बारे में जागरूक कर रहे हैं। स्थानीय किसान सुरेश कुमार ,मदन लाल तथा हमीर चंद ने बताया कि अभी मक्की को बीजे हुए 2 सप्ताह भी नहीं हुए और फसल एक कीट की चपेट में आ गई है। समूचे क्षेत्र में मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा रहे इस कीट की रोकथाम के लिए किसानों को कृषि विभाग की ओर से जागरूक किया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए कृषि विभाग परागपुर के पास कोराजन नामक कीटनाशक दवाई उपलब्ध है। किसानों को यह दवाई 50 फीसदी अनुदान पर दी जा रही है। यह कीटनाशक दवाई तीस मिलीमीटर की पैकिंग में उपलब्ध है, जो पांच कनाल क्षेत्र के लिए पर्याप्त है।
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कृषि विकास अधिकारी परागपुर मदन मोहन ने बताया कि कृषि विभाग पालमपुर की ओर से गठित की गई टीमें विकास खंड परागपुर के अंतर्गत आने वाली पंचायतों के दौरे पर हैं। अभी तक 25 फीसदी क्षेत्र का निरीक्षण किया जा चुका है और किसानों को कैंपों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। कृषि विषयवाद विशेषज्ञ परागपुर डॉ. उषा राणा ने बताया कि जसवां और डाडासीबा तहसील में कृषि विभाग के कार्यालयों में दवाई भेज दी गई है। मक्की की फसल को बचाने के लिए महकमा अलर्ट है।
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