{"_id":"69a094a081c20afdab0cc467","slug":"innovation-is-essential-to-give-right-direction-to-agriculture-dr-paulrasu-kangra-news-c-399-dsl1012-435063-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि को सही दिशा देने के लिए नवाचार आवश्यक : डॉ. पॉलरासु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि को सही दिशा देने के लिए नवाचार आवश्यक : डॉ. पॉलरासु
विज्ञापन
धर्मशाला। कृषि विभाग के सचिव डॉ. सी पॉलरासु ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि की स्थिरता के लिए सही दिशा तय करने के लिए सामूहिक, नवाचारी और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। बुधवार देर शाम धर्मशाला में आयोजित सतत कृषि एवं कृषि-व्यवसाय विकास विषय पर प्रथम राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र में मुख्यातिथि के रूप में उन्होंने यह बात कही। डॉ. पॉलरासु ने कहा कि स्थिरता एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें किसान, संस्थान, निजी क्षेत्र और समुदाय सभी को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। कृषि के भविष्य को सही दिशा देने के लिए तकनीक, स्मार्ट प्रथाओं और नए व्यावसायिक मॉडलों में नवाचार आवश्यक है। परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने राज्य सरकार और जायका इंडिया के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि परियोजना के अपेक्षित परिणामों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। 1010 करोड़ रुपये की इस चरण-2 परियोजना के तहत 296 उप-परियोजनाओं के माध्यम से 8000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे 30,000 परिवारों को लाभ मिलेगा और लगभग 7000 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल विविधीकरण किया जाएगा।
कार्यशाला के प्रतिनिधियों ने चैतड़ू स्थित एफपीओ कंसोर्टियम का दौरा किया, जहां उन्हें एफपीओ गठन, कंसोर्टियम मॉडल, संग्रहण, ग्रेडिंग और ब्रांडिंग प्रणाली के बारे में जानकारी दी। दावड़ उप-परियोजना क्षेत्र में प्रतिनिधियों ने खेतों का भ्रमण किया और एसएचईपी प्रदर्शन देखा और जमानाबाद स्थित रिलायंस इंडिया स्टोर के साथ बाजार संपर्क का प्रदर्शन भी देखा। प्रतिनिधियों ने भट्ठू स्थित सब्जी फार्म का भी दौरा किया और संरक्षित खेती प्रथाओं व खेत स्तर पर किए गए प्रदर्शनों को देखा।
विज्ञापन
कार्यशाला के प्रतिनिधियों ने चैतड़ू स्थित एफपीओ कंसोर्टियम का दौरा किया, जहां उन्हें एफपीओ गठन, कंसोर्टियम मॉडल, संग्रहण, ग्रेडिंग और ब्रांडिंग प्रणाली के बारे में जानकारी दी। दावड़ उप-परियोजना क्षेत्र में प्रतिनिधियों ने खेतों का भ्रमण किया और एसएचईपी प्रदर्शन देखा और जमानाबाद स्थित रिलायंस इंडिया स्टोर के साथ बाजार संपर्क का प्रदर्शन भी देखा। प्रतिनिधियों ने भट्ठू स्थित सब्जी फार्म का भी दौरा किया और संरक्षित खेती प्रथाओं व खेत स्तर पर किए गए प्रदर्शनों को देखा।
विज्ञापन