{"_id":"68949953a04e8cb87c0e02cd","slug":"if-you-do-not-pay-the-insurance-claim-you-will-have-to-pay-rs-83326-along-with-9-interest-kangra-news-c-95-1-kng1004-189706-2025-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: इंश्योरेंस क्लेम न देने पर 9 फीसदी ब्याज के साथ देने होंगे 83,326 रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: इंश्योरेंस क्लेम न देने पर 9 फीसदी ब्याज के साथ देने होंगे 83,326 रुपये
Thu, 07 Aug 2025 07:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 07 Aug 2025 07:28 PM IST
विज्ञापन
बीमा कंपनी को 10 हजार रुपये मुआवजा और 7500 रुपये मुकदमा फीस देने के भी आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। परिवार की इंश्योरेंस पॉलिसी होने के बावजूद सड़क दुर्घटना के उपचार में खर्च राशि का क्लेम न देने पर बीमा कंपनी को 9 फीसदी ब्याज के साथ उपभोक्ता को 83,326 रुपये देने होंगे। इसके अलावा मुआवजा के तौर पर 10 हजार और मुकदमा फीस 7500 रुपये भी देने होंगे । जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष अभय चोपड़ा निवासी गुप्त गंगा रोड, कांगड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि उनके पिता ललित चोपड़ा ने स्टार हेल्थ एंड एलायड इंश्योरेंस कंपनी से वर्ष 2022-2023 के लिए 10,00,000 रुपये की फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इसमें पॉलिसी रिचार्ज लाभ 1,50,000 रुपये तक है और इसे 10 जुलाई 2023 को नवीनीकृत किया गया था। पॉलिसी परिवार के चार सदस्यों को कवर करती थी और यह 31 जुलाई 2022 से 30 जुलाई 2023 तक वैध थी।
उन्होंने बताया कि वे 4 सितंबर 2022 को शाम करीब 7.30 बजे सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। दुर्घटना के समय वे बाइक की पिछली सीट पर बैठे थे और इसमें दाहिने पैर में चोटें आई। दुर्घटना के बाद शिकायतकर्ता ने नवांशहर स्थित निजी अस्पताल मेें उपचार करवाया गया और 9 सितंबर 2022 तक इसी अस्पताल में भर्ती रहा। उपचार पर परिजनों ने 1.10 लाख रुपये का अस्पताल खर्च वहन किया। इसके बाद उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से इस राशि के क्लेम के लिए आवेदन किया, परंतु कंपनी ने क्लेम राशि देने से मना कर दिया। आयोग के समक्ष पहुंची शिकायत के बाद सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। परिवार की इंश्योरेंस पॉलिसी होने के बावजूद सड़क दुर्घटना के उपचार में खर्च राशि का क्लेम न देने पर बीमा कंपनी को 9 फीसदी ब्याज के साथ उपभोक्ता को 83,326 रुपये देने होंगे। इसके अलावा मुआवजा के तौर पर 10 हजार और मुकदमा फीस 7500 रुपये भी देने होंगे । जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष अभय चोपड़ा निवासी गुप्त गंगा रोड, कांगड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि उनके पिता ललित चोपड़ा ने स्टार हेल्थ एंड एलायड इंश्योरेंस कंपनी से वर्ष 2022-2023 के लिए 10,00,000 रुपये की फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इसमें पॉलिसी रिचार्ज लाभ 1,50,000 रुपये तक है और इसे 10 जुलाई 2023 को नवीनीकृत किया गया था। पॉलिसी परिवार के चार सदस्यों को कवर करती थी और यह 31 जुलाई 2022 से 30 जुलाई 2023 तक वैध थी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वे 4 सितंबर 2022 को शाम करीब 7.30 बजे सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। दुर्घटना के समय वे बाइक की पिछली सीट पर बैठे थे और इसमें दाहिने पैर में चोटें आई। दुर्घटना के बाद शिकायतकर्ता ने नवांशहर स्थित निजी अस्पताल मेें उपचार करवाया गया और 9 सितंबर 2022 तक इसी अस्पताल में भर्ती रहा। उपचार पर परिजनों ने 1.10 लाख रुपये का अस्पताल खर्च वहन किया। इसके बाद उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से इस राशि के क्लेम के लिए आवेदन किया, परंतु कंपनी ने क्लेम राशि देने से मना कर दिया। आयोग के समक्ष पहुंची शिकायत के बाद सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया गया।
विज्ञापन