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अपराजिता कार्यक्रम

Sat, 30 Apr 2022 12:06 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 12:06 AM IST
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If women are healthy then the whole family is healthy
धर्मशाला। अगर महिलाएं स्वस्थ हैं तो उनका परिवार स्वस्थ है। परिवार स्वस्थ है तो पूरा समाज स्वस्थ होगा। इसके लिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यह कहना था स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निशा ने। वह अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शुक्रवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) दाड़ी में जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं से रूबरू थीं।
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इस दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों और उन्हें आत्म निर्भर बनाने के लिए एडवोकेट अर्चना पुरी, स्वास्थ्य को लेकर डाइटीशियन रीमा और महिलाओं से जुड़ी बीमारियों के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निशा ने जागरूक किया। उन्होंने कहा कि छात्राएं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अपने अंदर आत्मविश्वास जगाकर आत्मनिर्भर बनें। कार्यक्रम में 90 के करीब प्रशिक्षु छात्राओं ने भाग लिया। डॉ. निशा ने एक विज्ञापन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विज्ञापन में कहा गया है कि महिलाएं पीरियड के दौरान कुछ भी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पीरियड के दौरान आराम करने की जरूरत होती है।
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महिलाएं ही बनाती हैं सशक्त समाज: अर्चना
एडवोकेट अर्चना ने बताया कि महिलाएं ही समाज को सशक्त बनाती हैं। यह तभी हो पाएगा, जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक हों। इस दौरान उन्होंने 10 बिंदुओं पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिला किसी भी थाने में कहीं भी अपने विरुद्ध हुए अत्याचार की शिकायत करवा सकती है। इसके अलावा महिलाओं को हक है कि वह ऑनलाइन या पत्र के माध्यम से भी अपनी शिकायत दे सकती हैं। महिलाओं को बिना महिला कांस्टेबल की मौजूदगी के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
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चावल दिन में खाएं, रात को करें परहेज: रीमा
छात्राओं को उनकी डाइट कितनी होनी चाहिए और खाने में क्या-क्या शामिल किया जा सकता है, इस पर डाइटीशियन रीमा ने जागरूक किया। उन्होंने कहा कि चावल दिन में खाना चाहिए, जबकि रात को परहेज करना चाहिए। एक व्यक्ति तभी स्वस्थ रह सकता है, जब वह अपने खाने में प्रोटीन, सब्जियों और दालों को शामिल करेगा। कोई भी चिकित्सक अपने मरीज को किसी भी सब्जी को खाने से नहीं कभी भी पूरी तरह मना नहीं करता है। वह केवल यह कहता है कि प्रोटीनयुक्त सब्जियों और दालों को अपने आहार में शामिल करें। लेकिन कई मरीज इसका उलटा अर्थ लेकर दालों, दूध व दही आदि को अपने आहार से पूरी तरह से निकाल देते हैं, जो उनकी सेहत को बिगाड़ने का कार्य करता है।
अमर उजाला का अच्छा प्रयास : मुनीष राणा
आईटीआई दाड़ी (धर्मशाला) के प्रिंसिपल मुनीष कुमार राणा ने कहा कि अमर उजाला के इस अभियान में लड़कियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। उन्हें अपने अधिकारों व जीवन में आगे क्या करना है, इसके बारे में दिशा मिलती है। उन्होंने इस अभियान को अमर उजाला का अच्छा प्रयास बताया। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लड़कियों में जागरूकता लाते हैं।
महिलाएं हो रही हैं सशक्त: राजीव
आईटीआई के समूह निदेशक राजीव ठाकुर ने कहा कि महिलाएं सशक्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्राओं ने जिस बेवाकी से सवाल-जवाब किए हैं, वह काबिलेतारीफ हैं।
इनका रहा सराहनीय योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एंकर की भूमिका अंकुर वालिया और चंद्र मोहन ने निभाई। इस दौरान अनुदेशक हरविंद्र कौर, कंचन शुक्ला, अनामिका महाजन, मनीषा ठाकुर और कमलेश कुमारी के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मियों में अंजना व कमलेश ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सवाल और जवाब
अंकिता ने डाइटीशियन रीमा से सवाल किया कि वह खाती तो बहुत है, लेकिन उसके शरीर को लगता नहीं। इस पर रीमा ने उन्हें प्रोटीन युक्त व स्वास्थ्यवर्धक खाना खाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि दिन में रोजाना 8-10 गिलास पानी का जरूर पीए। अनुदेशक कमलेश कुमारी ने सवाल किया कि वह मोटापे पर कैसे काबू पाएं तथा खाने में किन-किन चीजों का ध्यान रखें। रीमा ने उन्हें सलाह देते हुए कहा कि खाने में दालों के साथ-साथ हरी सब्जियों को भी शामिल करें। इसके अलावा दूध-दही खाने से भी परहेज न करें। छात्रा काजल ने पेट में पथरी होने की समस्या रखी। रीमान ने सलाह दी कि खूब पानी पीएं और सोडा आदि का भी इस्तेमाल करें। छात्रा शालू ने सवाल किया कि वह बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। इस पर डॉ. निशा ने बताया कि बाल झड़ना हार्मोन की वजह से होता है। कुछ दवाइयों के कारण बाल झड़ने की समस्या से निजात पाई जा सकती है। प्रशिक्षु छात्रा शबनम ने कहा कि सिर में बहुत दर्द रहता है। इस पर डॉ. निशा ने बताया कि सिर में दर्द रहना आंखों में बीमारी के कारण हो सकता है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि रात को कम से मोबाइल देखें। अपनी नींद पूरी करें और सुबह की सैर करें।
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