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Kangra News: कुत्ता काटे तो घाव को बहते पानी और साबुन से धोएं
Tue, 29 Sep 2026 01:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:45 AM IST
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ज्वाली पशु अस्पताल में एंटी-रेबीज टीकाकरण करते पशु चिकित्सक । स्रोत: विभाग
रैहन (कांगड़ा)। विश्व रेबीज दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को उपमंडलीय पशु चिकित्सालय जवाली में जागरूकता शिविर और निशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत आसपास के क्षेत्रों से लाए गए आवारा कुत्तों का आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उन्हें निशुल्क एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य रेबीज जैसी घातक बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ लोगों को पशुओं के नियमित टीकाकरण के प्रति जागरूक करना रहा।
पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. भीष्म चंद ने बताया कि रेबीज एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा संक्रामक रोग है। बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद इसका उपचार लगभग असंभव हो जाता है। इसलिए कुत्तों व अन्य संभावित संक्रमित पशुओं का समय पर टीकाकरण ही एकमात्र प्रभावी बचाव है।
उन्होंने नागरिकों से पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण करवाने और आवारा कुत्तों के संपर्क में सावधानी बरतने की अपील की। कहा कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं तथा बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर निर्धारित एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।
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अमलेला में स्वास्थ्य विभाग ने बताए बचाव के उपाय
बरियाल (कांगड़ा)। स्वास्थ्य खंड नगरोटा सूरियां के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमलेला में बीएमओ डॉ. अमन दुआ के निर्देशानुसार विश्व रेबीज दिवस मनाया गया। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, सुमन कुमारी, सोनिया, मोनिका और शिल्पा ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि कुत्ता, बिल्ली या कोई अन्य स्तनधारी जानवर यदि काट ले या खरोंच मार दे तो घाव को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन व बहते पानी से धोना चाहिए और झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े बिना तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए।
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पीएचसी सीऊं में समय पर टीके लगवाने की दी सलाह
रैत (कांगड़ा)। स्वास्थ्य खंड शाहपुर के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सीऊं में बीएमओ डॉ. कविता ठाकुर के मार्गदर्शन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वीरेंद्र बलौरिया, स्वास्थ्य कार्यकर्ता रेखा देवी और स्टाफ ने लोगों को बताया कि जानवर के काटने के बाद निर्धारित समय सारिणी के अनुसार रेबीज रोधी टीके लगवाना अनिवार्य है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे परिजनों और पड़ोसियों को भी इस जानलेवा बीमारी के प्रति सचेत करें।
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पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. भीष्म चंद ने बताया कि रेबीज एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा संक्रामक रोग है। बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद इसका उपचार लगभग असंभव हो जाता है। इसलिए कुत्तों व अन्य संभावित संक्रमित पशुओं का समय पर टीकाकरण ही एकमात्र प्रभावी बचाव है।
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उन्होंने नागरिकों से पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण करवाने और आवारा कुत्तों के संपर्क में सावधानी बरतने की अपील की। कहा कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं तथा बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर निर्धारित एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।
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अमलेला में स्वास्थ्य विभाग ने बताए बचाव के उपाय
बरियाल (कांगड़ा)। स्वास्थ्य खंड नगरोटा सूरियां के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमलेला में बीएमओ डॉ. अमन दुआ के निर्देशानुसार विश्व रेबीज दिवस मनाया गया। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, सुमन कुमारी, सोनिया, मोनिका और शिल्पा ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि कुत्ता, बिल्ली या कोई अन्य स्तनधारी जानवर यदि काट ले या खरोंच मार दे तो घाव को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन व बहते पानी से धोना चाहिए और झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े बिना तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए।
पीएचसी सीऊं में समय पर टीके लगवाने की दी सलाह
रैत (कांगड़ा)। स्वास्थ्य खंड शाहपुर के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सीऊं में बीएमओ डॉ. कविता ठाकुर के मार्गदर्शन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक वीरेंद्र बलौरिया, स्वास्थ्य कार्यकर्ता रेखा देवी और स्टाफ ने लोगों को बताया कि जानवर के काटने के बाद निर्धारित समय सारिणी के अनुसार रेबीज रोधी टीके लगवाना अनिवार्य है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे परिजनों और पड़ोसियों को भी इस जानलेवा बीमारी के प्रति सचेत करें।