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Kangra News: कांगड़ा में लंपी के 786 मामले, 640 मवेशी स्वस्थ
Tue, 29 Sep 2026 01:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। कांगड़ा जिले में लंपी वायरस के अब तक कुल 786 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 640 पशु उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 146 संक्रमित पशुओं का इलाज चल रहा है। पशुपालन विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले भर में अब तक 1.20 लाख पशुओं का टीकाकरण पूरा कर लिया है।
पशुपालन विभाग कांगड़ा की उपनिदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने बताया कि जागरूकता के अभाव में कई पशुपालक समय पर टीका नहीं लगवाते, जिससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लंपी रोधी टीके का असर पशु के शरीर में केवल एक वर्ष तक ही रहता है, इसलिए प्रतिवर्ष इसका दोबारा टीकाकरण कराना अनिवार्य है।
डॉ. सीमा गुलेरिया के अनुसार टीका लगे पशु यदि संक्रमित होते भी हैं तो वे तेजी से ठीक हो जाते हैं, जबकि बिना टीके वाले पशुओं को उबरने में काफी समय लगता है और स्थिति गंभीर होने का खतरा रहता है।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में उपचाराधीन 146 पशुओं की नियमित देखभाल की जा रही है। उन्होंने पशुपालकों से टीकाकरण को गंभीरता से लेने और हर साल समय पर खुराक दिलवाने की अपील की है।
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धर्मशाला। कांगड़ा जिले में लंपी वायरस के अब तक कुल 786 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 640 पशु उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 146 संक्रमित पशुओं का इलाज चल रहा है। पशुपालन विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले भर में अब तक 1.20 लाख पशुओं का टीकाकरण पूरा कर लिया है।
पशुपालन विभाग कांगड़ा की उपनिदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने बताया कि जागरूकता के अभाव में कई पशुपालक समय पर टीका नहीं लगवाते, जिससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि लंपी रोधी टीके का असर पशु के शरीर में केवल एक वर्ष तक ही रहता है, इसलिए प्रतिवर्ष इसका दोबारा टीकाकरण कराना अनिवार्य है।
डॉ. सीमा गुलेरिया के अनुसार टीका लगे पशु यदि संक्रमित होते भी हैं तो वे तेजी से ठीक हो जाते हैं, जबकि बिना टीके वाले पशुओं को उबरने में काफी समय लगता है और स्थिति गंभीर होने का खतरा रहता है।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में उपचाराधीन 146 पशुओं की नियमित देखभाल की जा रही है। उन्होंने पशुपालकों से टीकाकरण को गंभीरता से लेने और हर साल समय पर खुराक दिलवाने की अपील की है।