{"_id":"692c52d21aa3bbf46c06f517","slug":"holi-utrala-road-is-the-lifeline-of-kangra-chamba-trilok-kangra-news-c-95-1-ssml1019-208592-2025-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांगड़ा-चंबा की जीवनरेखा है होली-उतराला सड़क : त्रिलोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांगड़ा-चंबा की जीवनरेखा है होली-उतराला सड़क : त्रिलोक
Mon, 01 Dec 2025 07:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 01 Dec 2025 07:50 AM IST
विज्ञापन
त्रिलोक कपूर
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने विधायक विपिन सिंह परमार द्वारा होली-उतराला सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की विधानसभा में उठाई गई मांग का समर्थन किया है। कपूर ने कहा कि यह सड़क केवल मार्ग नहीं बल्कि कांगड़ा-चंबा के बीच विकास, रोजगार और जनजातीय क्षेत्रों की जीवनरेखा है।
कपूर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से दशकों पुरानी समस्याएं खत्म होंगी और मणिमहेश यात्रा सहित धार्मिक पर्यटन को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान दूरी 300-350 किलोमीटर है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग बनने पर यह घटकर केवल 73 किलोमीटर रह जाएगी। उन्होंने बताया कि 71 किलोमीटर में से 17 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। करोड़ों की लागत का लोक निर्माण विभाग द्वारा एस्टीमेट तैयार है। यह साबित करता है कि परियोजना व्यावहारिक है और प्रदेश हित में अत्यंत आवश्यक है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 79 घोषित नेशनल हाईवे में से केवल सात ही सक्रिय रहे, जो उनके असक्षम प्रशासन का उदाहरण है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि तुरंत होली–उतराला मार्ग को एमडीआर घोषित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि प्रदेश हित में और देरी न हो। कपूर ने स्पष्ट किया कि इस मार्ग का राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से न केवल स्थानीय लोगों की दशकों पुरानी समस्याएं हल होंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी
विज्ञापन
विज्ञापन
कपूर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से दशकों पुरानी समस्याएं खत्म होंगी और मणिमहेश यात्रा सहित धार्मिक पर्यटन को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान दूरी 300-350 किलोमीटर है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग बनने पर यह घटकर केवल 73 किलोमीटर रह जाएगी। उन्होंने बताया कि 71 किलोमीटर में से 17 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। करोड़ों की लागत का लोक निर्माण विभाग द्वारा एस्टीमेट तैयार है। यह साबित करता है कि परियोजना व्यावहारिक है और प्रदेश हित में अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 79 घोषित नेशनल हाईवे में से केवल सात ही सक्रिय रहे, जो उनके असक्षम प्रशासन का उदाहरण है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि तुरंत होली–उतराला मार्ग को एमडीआर घोषित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि प्रदेश हित में और देरी न हो। कपूर ने स्पष्ट किया कि इस मार्ग का राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से न केवल स्थानीय लोगों की दशकों पुरानी समस्याएं हल होंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी
विज्ञापन